Market में कोई boundary नहीं, नियम आपको बनाने होंगे
Douglas बताते हैं कि बचपन से हम ऐसे माहौल में बड़े होते हैं जहाँ बाहर से नियम तय होते हैं: स्कूल का समय, दफ़्तर के घंटे, परीक्षा का syllabus। Market ऐसा नहीं है। वहाँ न शुरुआत तय है, न अंत; कोई नहीं बताता कि कब घुसना है, कब निकलना है या कितना जोखिम लेना है। trade चलते-चलते लगातार बदलता रहता है।
यह असीमित आज़ादी सुनने में अच्छी लगती है, लेकिन बिना अंदरूनी ढाँचे के इंसान इसमें भटक जाता है। Douglas के अनुसार trader को वह structure ख़ुद अपने भीतर बनाना पड़ता है जो बाहर की दुनिया उसे हमेशा देती आई है।
आज क्या करें: Market खुलने से पहले लिखकर तय करें कि आज किस setup पर trade करेंगे, कितनी पूँजी लगाएँगे और कितना नुक़सान होने पर दिन बंद कर देंगे।