कथा सुनने की महिमा: देवराज ब्राह्मण का प्रसंग
शिव पुराण की शुरुआत उसके माहात्म्य से होती है, जिसमें बताया गया है कि इस कथा को श्रद्धा से सुनने का क्या फल है। इसमें देवराज नाम के एक ब्राह्मण की कथा आती है, जिसका जीवन ग़लत कामों में बीता था। संयोग से अपने अंतिम दिनों में उसने शिव पुराण की कथा सुनी, और कथा के अनुसार इसी पुण्य से उसका उद्धार हुआ।
संदेश यह है कि सुधार का दरवाज़ा कभी बंद नहीं होता, और इसी कारण परंपरा में कथा-श्रवण को भक्ति का सरल और सबके लिए खुला मार्ग माना गया है।
आज क्या करें: अगर आपको लगता है कि भक्ति के लिए बहुत देर हो चुकी है, तो यह कथा याद रखें: शुरुआत रोज़ थोड़ी देर शांत मन से कथा या नाम-स्मरण सुनने से भी हो सकती है।