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Rich Dad Poor Dad — अमीर पिता, ग़रीब पिता

लेखक: Robert Kiyosaki

दो पिताओं की सोच की तुलना के ज़रिए Robert Kiyosaki बताते हैं कि स्कूल हमें नौकरी के लिए तैयार करता है, पैसे की समझ के लिए नहीं, और असली फ़र्क़ asset बनाने की आदत से आता है।

⏱ 8 मिनट में पढ़ें💡 6 मुख्य सबक💰 Wealth & Finance
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Robert Kiyosaki का बचपन Hawaii में दो अलग-अलग 'पिताओं' की सलाह के बीच बीता। एक उनके अपने पिता थे, बहुत पढ़े-लिखे, सरकारी शिक्षा विभाग में ऊँचे पद पर, ईमानदार और मेहनती, लेकिन पूरी ज़िंदगी पैसों की तंगी से जूझते रहे। इन्हें वे 'poor dad' कहते हैं। दूसरे उनके बचपन के दोस्त Mike के पिता थे, जिन्होंने स्कूल की पढ़ाई ज़्यादा नहीं की थी, लेकिन कई कारोबार खड़े किए और धीरे-धीरे काफ़ी अमीर बने। यही उनके 'rich dad' हैं।

जहाँ poor dad कहते थे 'मैं यह नहीं ख़रीद सकता', वहीं rich dad पूछना सिखाते थे 'मैं इसे कैसे ख़रीद सकता हूँ?' किताब इसी तरह की तुलनाओं से पैसे के बारे में हमारी आम धारणाओं को चुनौती देती है। 1997 में आई यह किताब दुनिया की सबसे ज़्यादा बिकने वाली personal finance किताबों में गिनी जाती है। ध्यान रहे, नीचे लिखी बातें सिर्फ़ आम समझ के लिए हैं, इन्हें निवेश की सलाह न मानें।

Rich Dad Poor Dad के 6 मुख्य सबक

1

अमीर लोग पैसे के लिए काम नहीं करते

नौ साल की उम्र में Robert और Mike ने rich dad से पैसा कमाना सिखाने को कहा। Rich dad ने उन्हें अपनी एक दुकान पर बहुत कम मज़दूरी पर काम दे दिया। कुछ हफ़्ते बाद Robert नाराज़ हो गया, तो rich dad ने मज़दूरी बढ़ाने के बजाय उसे बिल्कुल बंद कर दिया। सबक यह था कि ज़्यादातर लोग डर और लालच के बीच फँसकर पूरी ज़िंदगी सिर्फ़ salary के लिए काम करते रहते हैं।

फिर दोनों बच्चों ने देखा कि दुकान से पुरानी comic books फेंक दी जाती हैं। उन्होंने उन्हें इकट्ठा करके एक छोटी पढ़ने की library जैसी व्यवस्था बनाई, जहाँ बच्चे थोड़े पैसे देकर comics पढ़ते थे। अब पैसा उनके लगातार मौजूद रहे बिना भी आ रहा था। यह पैसे को अपने लिए काम करवाने की पहली झलक थी।

आज क्या करें: नौकरी करते हुए भी यह सोचिए कि कौन-सी skill या छोटा काम ऐसा है जो आगे चलकर आपकी सीधी मौजूदगी के बिना भी आमदनी दे सके।

2

Asset और liability का सीधा फ़र्क़

Kiyosaki की सबसे मशहूर परिभाषा बहुत सरल है: asset वह है जो आपकी जेब में पैसा डालता है, और liability वह है जो आपकी जेब से पैसा निकालती है। अमीर लोग asset ख़रीदते हैं, जबकि बाक़ी लोग liability ख़रीदकर उन्हें asset समझ बैठते हैं।

इसी तर्क से वे कहते हैं कि जिस घर में आप ख़ुद रहते हैं, वह आपकी नज़र से asset नहीं है, क्योंकि उसकी EMI, रखरखाव और टैक्स आपकी जेब से जाते हैं। यह विचार काफ़ी विवादित रहा है और कई financial planner इससे पूरी तरह सहमत नहीं हैं। फिर भी इसका मूल संदेश काम का है: कोई चीज़ ख़रीदने से पहले देखें कि वह हर महीने पैसा लाएगी या ले जाएगी।

आज क्या करें: अपने ख़र्चों की एक सूची बनाइए और हर बड़ी चीज़ के आगे लिखिए कि वह हर महीने पैसा ला रही है या ले जा रही है; तस्वीर अपने आप साफ़ हो जाएगी।

3

Rat race से बाहर निकलने की सोच

Kiyosaki 'rat race' का चित्र खींचते हैं: पढ़ाई, नौकरी, salary बढ़ी तो ख़र्च बढ़े, नई गाड़ी, बड़ा घर, ज़्यादा EMI, और फिर और ज़्यादा काम। आमदनी बढ़ने के बावजूद इंसान वहीं का वहीं रहता है, क्योंकि हर बढ़ोतरी नए ख़र्च में चली जाती है।

इससे निकलने का उनका सुझाव है 'mind your own business', यानी अपनी नौकरी के साथ-साथ अपना asset column बनाते रहना। यहाँ business का मतलब ज़रूरी नहीं कि दुकान खोलना हो। मतलब है ऐसी चीज़ों का संग्रह जो आपको आमदनी दें। साथ ही वे 'pay yourself first' की बात करते हैं, यानी ख़र्च से पहले अपने भविष्य के लिए पैसा अलग करना।

आज क्या करें: Salary आते ही पहले एक तय हिस्सा बचत या लंबी अवधि की योजना में अलग कीजिए, और बाक़ी पैसे से महीना चलाने की आदत डालिए।

4

Financial literacy: हिसाब-किताब की भाषा सीखो

Kiyosaki के अनुसार poor dad की सबसे बड़ी कमी पैसे की भाषा न जानना था। Accounting, निवेश, बाज़ार और क़ानून की बुनियादी समझ को वे financial literacy कहते हैं। उनका कहना है कि सिर्फ़ ज़्यादा कमाना काफ़ी नहीं, क्योंकि जो इंसान पैसे का हिसाब नहीं समझता, वह ज़्यादा कमाई भी गँवा सकता है।

वे taxes और corporations की बात भी करते हैं और बताते हैं कि जानकार लोग क़ानून के दायरे में रहकर अपने पैसे को बेहतर ढंग से संभालते हैं। ये उदाहरण अमेरिका के नियमों पर टिके हैं, इसलिए भारतीय पाठक को इन्हें सीधे लागू करने के बजाय यहाँ के नियमों के जानकार से सलाह लेनी चाहिए।

आज क्या करें: हर महीने एक घंटा income tax, insurance या बैंक के नियमों जैसा कोई एक finance विषय समझने में लगाइए; यह समझ सालों तक काम आएगी।

5

कमाने के लिए नहीं, सीखने के लिए काम करो

Rich dad की एक सलाह यह थी कि शुरुआती सालों में नौकरी चुनते समय सिर्फ़ salary न देखो, बल्कि यह देखो कि वहाँ क्या सीखने को मिलेगा। Kiyosaki ख़ुद Xerox में sales का काम करने गए, जबकि वे शर्मीले थे और उन्हें 'ना' सुनने से डर लगता था। मक़सद था बेचना और लोगों से बात करना सीखना।

किताब में एक पत्रकार का क़िस्सा है जो best-selling लेखक बनना चाहती थी। जब Kiyosaki ने उसे sales सीखने का सुझाव दिया तो वह नाराज़ हो गई। Kiyosaki का तर्क था कि अच्छा लिखने वाले बहुत हैं, लेकिन अपना काम बेचना जानने वाले कम।

आज क्या करें: Freelance designer या writer अपनी कला के साथ-साथ client से बात करना, proposal लिखना और अपनी क़ीमत बताना भी सीखें।

6

डर, आलस और शक से पार पाना

Kiyosaki मानते हैं कि पैसे के मामले में बहुत से लोग जानकारी की कमी से कम, और डर, शक और आलस से ज़्यादा पीछे रहते हैं। पैसा खोने का डर इतना बड़ा हो जाता है कि वे कोई क़दम ही नहीं उठाते। वे यह भी कहते हैं कि 'मैं busy हूँ' अक्सर आलस का सबसे आरामदायक बहाना होता है।

उनका सुझाव है कि शक करने वाली आवाज़ों को पहचानें, नुक़सान से सीखें और 'मैं नहीं कर सकता' कहने के बजाय 'मैं कैसे कर सकता हूँ' पूछें। हाँ, इसका मतलब बिना समझे जोखिम लेना नहीं है, बल्कि सीखकर, छोटे क़दमों से शुरू करना है।

आज क्या करें: कोई भी निवेश या कारोबार शुरू करने से पहले छोटी रक़म से और पूरी जानकारी के साथ शुरुआत कीजिए, ताकि ग़लती हो तो सीख बड़ी और नुक़सान छोटा हो।

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यह किताब किसके लिए है

  • ✓पहली नौकरी शुरू करने वाले युवा जो salary और ख़र्च का संतुलन समझना चाहते हैं
  • ✓वे लोग जिन्होंने कभी personal finance की कोई किताब नहीं पढ़ी
  • ✓Side income या छोटा कारोबार शुरू करने की सोच रहे नौकरीपेशा लोग
  • ✓माता-पिता जो बच्चों को पैसे के बारे में शुरुआती बातें सिखाना चाहते हैं

लेखक के बारे में: Robert Kiyosaki

Robert T. Kiyosaki का जन्म 1947 में Hawaii में हुआ। उन्होंने अमेरिकी Marine Corps में helicopter pilot के रूप में Vietnam युद्ध में सेवा दी, फिर Xerox में sales का काम किया और बाद में अपने कारोबार शुरू किए। Rich Dad Poor Dad उन्होंने Sharon Lechter के साथ मिलकर लिखी, और इसके बाद Rich Dad सीरीज़ की कई किताबें और CASHFLOW नाम का board game भी आया।

यह भी ध्यान देने लायक है कि 'rich dad' नाम के व्यक्ति के वास्तविक होने पर कुछ आलोचकों ने सवाल उठाए हैं, और Kiyosaki की कई वित्तीय सलाहें विवादित रही हैं। इसलिए किताब को सोच बदलने वाली प्रेरणा की तरह लेना बेहतर है, कोई तैयार निवेश योजना की तरह नहीं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Rich Dad Poor Dad की सबसे बड़ी सीख क्या है?+

सबसे बड़ी सीख यह है कि अमीरी सिर्फ़ ज़्यादा कमाने से नहीं, बल्कि सही चीज़ों पर पैसा लगाने से आती है। ऐसे asset बनाइए जो आमदनी दें, और ऐसी liability से बचिए जो चुपचाप आपकी जेब ख़ाली करती हैं।

क्या यह किताब भारत के लोगों के लिए उपयोगी है?+

हाँ, इसकी बुनियादी सोच, जैसे बचत पहले, ख़र्च बाद में, और पैसे की समझ बढ़ाना, भारत में भी उतनी ही काम की है। लेकिन tax और real estate से जुड़े उदाहरण अमेरिका के हैं, इसलिए उन्हें भारतीय नियमों के हिसाब से परखना ज़रूरी है।

क्या किताब पढ़कर नौकरी छोड़ देनी चाहिए?+

किताब नौकरी को बुरा नहीं बताती, बल्कि सिर्फ़ salary पर निर्भर रहने से सावधान करती है। समझदारी इसी में है कि नौकरी के साथ-साथ धीरे-धीरे पैसे की समझ और आमदनी के दूसरे साधन बनाए जाएँ।

Rich Dad Poor Dad का Hindi audiobook कितना लंबा है?+

HindiAudiobook.com पर इसका Hindi audiobook लगभग 7 घंटे 2 मिनट का है।

दो पिताओं की यह कहानी सुनने में जितनी सरल है, सोचने के लिए उतना ही कुछ छोड़ जाती है। Rich Dad Poor Dad का पूरा Hindi audiobook HindiAudiobook.com पर सुनिए।

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