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रचनात्मक कल्पना का शक्ति के रूप में प्रयोग करें

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हमारे जीवन के प्रति हमारी एक कल्पना होती है जैसे मुझे क्या बनना है? मुझे जीवन में क्या काम करना है? मुझे कौनसी दिशा में अपने जीवन को आगे बढाना है? मुझे अपनी प्रगति किस काम के साथ करनी है? यदि हमारी ये कल्पनाएँ स्पष्ट नहीं है तो हम सही दिशा में गति या प्रगति नहीं कर सकते। सार्थक जीवन जीने के लिए हमें अपने जीवन कि दिशा का ज्ञान होना बहुत आवश्यक है। जीवन कि दिशा कि स्पष्ट कल्पना के बिना हमारा जीवन एक कटी पतंग कि तरह होता है, जो एक हवा के झोंके के साथ अपनी दिशा बदल लेती है व दुसरे झोंकें के साथ दूसरी दिशा बदल लेती है, उसकी अपनी कोई दिशा नहीं होती। वह तो बस हवा के थपेड़ों में इधर-उधर भटकती रहती है और किसी भी मंजिल पर नहीं पहुँच पाती है। दिशा के ज्ञान के बिना हमारा जीवन भी एक मात्र कटी पतंग कि तरह हो जाता है। हमारे जीवन को उचित दिशा में मोड़ना स्पष्ट कल्पना के द्वारा ही सम्भव हो पाता है।

कल्पना एक शक्ति हमारा जीवन वर्तमान है, स्मृति अनुभव है और कल्पनाशक्ति योजनशक्ति है। कल्पना के द्वारा ही अनुभव को ध्यान में रखते हुए आज किये जाने वाले कार्यों से वर्तमान को संवारा जा सकता है। आम बोलचाल कि भाष…

क्या आप कोचिंग में कैरियर बनाना चाहते है?

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मेरी पिछली ब्लॉग पोस्ट “कोचिंग सेंटर के चुनाव में सावधानियां” पढने के बाद मेरे दोस्त मुकेश कुमार का फ़ोन आया उन्होंने कहा कि क्या मैं इसे अपने अगले बिज़नस के रूप में देख सकता हु? यानि वो पूछ रहे थे कि भारत में कोचिंग सेंटर बिज़नस का भविष्य कितना उज्जवल है?

मैंने उनसे कहा कि मै आपको थोड़ा रिसर्च करके बताता हु कि भारत में कोचिंग सेंटर इंडस्ट्री का क्या भविष्य है और क्या युवा इसमें अपना भविष्य बना सकते है। इसी प्रश्न से मुझे यह पोस्ट लिखने का मौका मिला क्योंकि मुकेश कि तरह अनेकों के मन में यह प्रश्न होना स्वाभाविक है कि क्या मैं कोचिंग सेंटर सेक्टर में अपना कैरियर बना सकता हु?

कोचिंग सेंटर बिज़नस - एक नजर
जब मैंने यह खोजना और पढना शुरू किया कि भारत में कोचिंग सेण्टर इंडस्ट्री कितनी व्यापक है तो पता चला कि साल 2017-18 में इसका मार्केट 70 बिलियन यु.एस. डॉलर का था जो बढ़कर साल 2019 में 120 बिलियन डॉलर का हो गया है। जो पिछले 4-5 सालों से सालाना 35% कि वार्षिक दर से बढ़ रहा है। अगर बात की जाये डिजिटल कोचिंग इंडस्ट्री कि तो यह 75000 करोड़ रूपये का एक विशाल मार्केट है जो अभी अपने शिशु काल में है।

ASSO…

कोचिंग सेंटर के चुनाव में रखें ये सावधानियां

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आज बच्चे पहले कि अपेक्षा कक्षा के विषय व प्रतियोगिता परीक्षाओं कि तैयारियों के लिए ज्यादा जागरूक है तब माता-पिता व बच्चों में बहुसंख्यक कोचिंग सेंटरों में से अपने लिए या बच्चों के लिए  उचित सेंटर के चयन कि चिंता होना स्वाभाविक है। इसके पीछे यह फ़िक्र होती है कि कहीं गलती से किसी ऐसे कोचिंग सेंटर का चयन न हो जाए जिसके कारण ढेर सारा पैसा और समय बर्बाद हो जाए।

“सफलता पाने कि आग में कोचिंग सेंटर घी का काम करते है।”
इसमें कोई शक नहीं कि कोचिंग सेंटर स्टूडेंट्स के कैरियर को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है। और जब बात प्रतियोगिता परीक्षाओं कि हो तो इनका महत्व और भी बढ़ जाता है। क्योंकि क्लासरूम में तो 60 से 100 तक बच्चों को ही कम्पीट करना होता है, लेकिन प्रतियोगिता परीक्षाओं में लाखों प्रतियोगियों से स्पर्धा होती है। तब ऐसे समय में अनुभवी टीचर्स के गाइडेंस कि सख्त जरुरत होती है।

क्या कोचिंग सेंटर हमारी सफलता में वास्तव में महत्वपूर्ण रोल निभाते है? आइये जानते है:

कोचिंग सेंटर के लाभ
किसी भी प्रतियोगी परीक्षा को क्रैक करने के लिए विषय कि जानकारी के साथ साथ बेहतरीन प्रतियोगी माहौल होना …

समय को मैनेज करने कि बजाए, इसे सुनहरे भविष्य के लिए बनाएं

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“हम अपने समय का उपयोग ‘तर्कों’ के आधार पर करते है, लेकिन समय ‘भावनाओं’ के हिसाब से चलता है.” –Rory Vaden
टाइम मैनेजमेंट के तरीकों में समय कि मांग के अनुसार बदलाव आता रहता है. ये बदलाव मुख्यतः एक-आयामी, द्वि-आयामी और त्रि-आयामी हुए है, आइये इन्हें समझते है और अपने समय का प्रबंधन और बेहतरीन तरीके से करें ताकि हम अपने लक्ष्यों को आसानी से और निश्चित समयावधि में पूरा कर सकें.

परिभाषा : “भिन्न-भिन्न कार्य करने में लगाये गए समय व उसे करने के क्रम को सोच-विचार कर ठीक से व्यवस्थित करने को ही समय प्रबंधन (Time management) कहा जाता है। समुचित समय प्रबंधन से दक्षता आती है, उत्पादकता बढ़ती है और कार्य सही समय पर पूरे होते हैं।“ एक-आयामी समय-प्रबन्धन विचार साल 1850-60 के आसपास जब ओद्योगिक क्रांति कि शुरुआत हुयी तब यह महसूस किया जाने लगा कि अगर ज्यादा प्रोडक्शन करना है तो काम करने वाले कर्मचारियों कि दक्षता यानि Efficiency बढाने के लिए समय प्रबन्धन कि आवश्यकता है. यह दक्षता बढाने वाले समय प्रबन्धन का विचार एक आयामी  विचार था.

इसे मजदूरों, मैनेजरों, कर्मचारियों को यह विचार दिया गया कि वे अपने निश्चि…

स्वामीनाथन आयोग सिफारिश : किसानों के लिए क्यों है वरदान

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7 अगस्त 1925, कुम्भकोणम, तमिलनाडु में जन्मे एमएस स्वामीनाथन पौधों के जेनेटिक वैज्ञानिक हैं। स्वामीनाथन भारत की 'हरित क्रांति' में अपनी महत्त्वपूर्ण भूमिका के लिए विख्यात हैं। उन्होंने 1966 में मैक्सिको के बीजों को पंजाब की घरेलू किस्मों के साथ मिश्रित करके उच्च उत्पादकता वाले गेहूं के संकर बीज विकसित किए थे। 'हरित क्रांति' कार्यक्रम के तहत ज़्यादा उपज देने वाले गेहूं और चावल के बीज ग़रीब किसानों के खेतों में लगाए गए थे।
क्यों बना था स्वामीनाथन आयोग ?

अन्न की आपूर्ति को भरोसेमंद बनाने और किसानों की आर्थिक हालत को बेहतर करने, इन दो मकसदों को लेकर 2004 में केंद्र सरकार ने एमएस स्वामीनाथन की अध्यक्षता में नेशनल कमीशन ऑन फार्मर्स का गठन किया। इस आयोग ने अपनी पांच रिपोर्टें सौंपी। अंतिम व पांचवीं रिपोर्ट 4 अक्तूबर, 2006 में सौंपी गयी। रिपोर्ट ‘तेज व ज्यादा समग्र आर्थिक विकास’ के 11वीं पंचवर्षीय योजना के लक्ष्य को लेकर बनी है।

अयोग की सिफारिशों में किसान आत्महत्या की समस्या के समाधान, राज्य स्तरीय किसान कमीशन बनाने, सेहत सुविधाएं बढ़ाने व वित्त-बीमा की स्थिति पुख्ता बनाने पर…

15 मार्च 2018 के बाद सरसों बिकेगी 4000/- रूपये प्रति क्विंटल

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15 मार्च 2018 से हरियाणा सरकार ने किसानों के हितों की रक्षा करते हुए सरसों का सरकारी खरीद रेट बढाते हुए 4000/- रूपये प्रति क्विंटल कर दिया है। जिसमें 100/- रूपये बोनस भी शामिल है।

प्रदेश सरकार राज्य के किसानों के हितों की रक्षा के लिए 15 मार्च, 2018 से सरसों उत्पादन करने वाले 11 जिलों में सरसों की खरीद 4000 रुपये/क्विंटल (100 रुपये के Bonus सहित) के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर करेगी। यह दर प्रचलित बाजार दर से काफी अधिक है। — CMO Haryana (@cmohry) March 14, 2018

मुख्मंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर ने अपने ट्विट से यह जानकारी दी है। जिसमें लिखा है कि “प्रदेश सरकार राज्य के किसानों के हितों की रक्षा के लिए 15 मार्च 2018 से सरसों उत्पादन करने वाले 11 जिलों में सरसों की खरीद 4000 रूपये/क्विंटल (100 रूपये के बोनस सहित) के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर करेगी। यह दर प्रचलित बाजार से काफी अधिक है।“

सरकार को किसानों से सभी फसलों की खरीदी सुनिश्चित करना चाहिए। ताकि किसानों को अपनी मेहनत का सही भाव मिल सके। ताकि खेती करने वाले किसान अपना व अपने परिवार के साथ साथ देश को भी भर पेट अन्नाज उगाकर दे सके।

#MSP2018 …

Facebook Profile को फेसबुक Page में बदलिए

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आप फेसबुक प्रोफाइल के माध्यम से अपने, अपने व्यवसाय या अपनी कला को लोगों तक पहुँचा रहे है। लोग आपसे हर रोज जुड़ते है। आपके चाहने वालों की संख्या हर रोज़ बढ़ रही है है, तब आप केवल 4999 तक ही अपने दोस्त बना सकते है। इससे ज्यादा संख्या में आपके दोस्त नहीं बन सकते।

इस स्थिति में आप क्या करेंगे? इसलिए अपनी फेसबुक प्रोफाइल को फेसबुक पेज में बदलना अच्छा होगा। इससे आपके पास बार-बार फ्रेंड रिक्वेस्ट नही आयेगा। कोई भी लाइक बटन प्रेस करते ही आपसे जुड़ जायेगा और आपके हर स्टैट्स को पढ़ सकेगा।

फेसबुक पेज के माध्यम से आपकी साईट पर अच्छा ट्रैफिक आ सकता है, और ऐसे ही आप ट्विटर और गूगल+ के माध्यम से भी अपनी साईट पर ट्रैफिक ला सकते हैं।

बदलाव : प्रोफाइल को पेज में बदलने करने के बाद

आपके जितने भी दोस्त या फोलोवर्स है, वो पेज के लाइक्स में बदल जायेंगे।प्रोफाइल का यूजरनाम (URL) है, वो पेज का यूजरनाम ही रहेगा।आपकी प्रोफाइल का नाम वही रहेगा। आप जब चाहें बाद में अपने हिसाब से इसे बदल भी सकते है। प्रोफाइल फोटो वही रहेगा।आप सभी ग्रुप्स से हट जायेंगे। 
आप अगर ये सब बदलाव नहीं चाहते, तो आप प्रोफाइल को न बदलें। आप दूसरा …