Dawkins किस ‘ईश्वर’ की बात कर रहे हैं?
किताब की शुरुआत में ही Dawkins एक ज़रूरी फ़र्क़ करते हैं। Albert Einstein जैसे वैज्ञानिक कई बार ‘God’ शब्द का इस्तेमाल करते थे, लेकिन उनका मतलब प्रकृति के नियमों के प्रति गहरा आश्चर्य और श्रद्धा था, कोई ऐसा व्यक्तिगत ईश्वर नहीं जो प्रार्थना सुने या चमत्कार करे। Dawkins इसे ‘Einsteinian religion’ कहते हैं और उन्हें इससे कोई आपत्ति नहीं।
उनकी आलोचना उस अलौकिक (supernatural) ईश्वर की धारणा पर है जिसने दुनिया बनाई, जो इंसानों के कामों पर नज़र रखता है और उनकी ज़िंदगी में दख़ल देता है। उनका कहना है कि जब वैज्ञानिक काव्यात्मक अंदाज़ में ‘God’ कहते हैं, तो आम लोग उसे धार्मिक ईश्वर समझ लेते हैं और इससे बहस उलझ जाती है।
आज क्या करें: किसी भी बहस में पहले यह साफ़ कर लें कि दोनों पक्ष एक ही शब्द का एक ही मतलब ले रहे हैं या नहीं, वरना आधी बहस बेकार चली जाती है।