इसे क्यों पढ़ें?

अधिक प्राप्त करने की प्रक्रिया” पुस्तक के अनुसार, सफलता एक विचार है, यह उसी कि और ज्यादा मात्रा में आकर्षित होती है, जो भविष्य में होने वाले इच्छित बदलावों कि, आज स्पष्ट मानसिक तस्वीर देख सकते है।


आखिर कब तक?


इसमें लेखक का कहना है कि, आखिर कब तक हम इसी तरह, बाइक पर दो कि जगह, अन्य दो और सवारियों को एडजेस्ट करते रहेंगे? कब तक हम अपने बच्चों द्वारा मांगी गई चीजें, अगली तनख्वाह तक, अगले महीने तक, अगले साल तक, अगले सीजन तक, अगली सेल तक, अगली सर्दियों तक व अगली गर्मियों तक टालते रहेंगे। कब तक हम अपने सपनों को, इसी तरह किसी अगले एक और दिन के लिए टालते रहेंगे?


हम क्यों नहीं बदल रहे है?


क्यों हम अपने व अपने परिवार के सपनों का, गला घोंटना बंद नहीं कर सकते? आखिर हमारी वह कौन सी मजबूरी है, जिसके चलते हम वह नहीं कर पा रहे है, जो हम करना चाहते है? और हम क्यों वह हासिल नहीं कर पा रहे है, जो हमें हासिल करना है।


यह सब कहाँ से सीखा है।


यह टालमटोल कि आदत, हमारे द्वारा जाने अनजाने में सीखी गई, मात्र एक आदत है। क्योंकि, हमारे वर्तमान विचार, मस्तिष्क द्वारा जानें-अनजाने में, ग्रहण की गई सूचनाओं का ही परिणाम होते है। ये सूचनाएं, हम अपने परिवार, स्कूल, दोस्तों, रिश्तेदारों, टीवी, फिल्मों, पुस्तकों, सोशल मीडिया, और अन्य बहुत से स्रोतों के माध्यम से, लगातार ग्रहण करते रहते है।


जिनमें हमारे द्वारा सीखी गई, दो प्रमुख योग्यताएं, शाब्दिक और गणितीय योग्यताएं भी शामिल है। जिन्हें सीखने का, सबसे बड़ा प्रारंभिक स्रोत, हमारे स्कूल होते है। जहाँ पर हम, अपने जीवन का, ज्यादातर अनमोल हिस्सा, इन्हीं दो दक्षताओं को सीखने में बिताते है। हालाँकि इन दो स्कूली विधाओं को सीखना, हमारे लिए आवश्यक होता है।


अब तक जो सीखा है उससे ज्यादा सीखना होगा।


परन्तु स्कूली शिक्षा के साथ एक दिक्कत है कि, हम जो भी पढ़ते है, वही बन जाते है। चाहे हम उसे पसंद करते हों या न करते हों। अपने मनचाहे काम करने और अपनी चाहतों के हिसाब से जीने के लिए, असल जीवन में हमें, और ज्यादा सीखने कि आवश्यकता है। लेकिन जब तक हमें इस कमी का एहसास होता है, तब तक हमारे पास, जीवन में करने के लिए, और बहुत सारे कामों कि सूची आ जाती है। जिस वजह से, समय कि कमी और वर्तमान जिम्मेदारियों के बोझ के कारण, हम जैसा चल रहा है, वैसा ही चलने देते है।


यह पुस्तक आपको यह सीखाती है।


अधिक प्राप्त करने की प्रक्रिया पुस्तक बताती है कि, सच्चे बिजनेस मालिक, स्कूलों द्वारा नहीं बनते हैं - वे उस ज्ञान, कौशल और अनुभव से बनते हैं, जिसकी उन्हें सफल होने के लिए, वास्तव में आवश्यकता होती है।


लेखक ने इस पुस्तक में, उन सभी सिद्धांतों के बारे में विस्तार से लिखा है, जिनसे ज्यादातर बिज़नस प्रोफेशनल, जीवन भर सटीक प्रक्रिया खोजकर, उसके प्रयोग में महारत हासिल करते हैं, और अपने सपनों को साकार करते है।


अपने आप में बदलाव करें


इसी तरह हमें भी, अपने सपनों को साकार करने, और जीवन के लक्ष्यों में सफलता पाने के लिए, कुछ और दक्षतायें व कौशल सीखने कि आवश्यकता होती है। इसलिए हमारे लिए यह जानना बेहद आवश्यक हो जाता है, कि हमें जानबूझकर वे कौन से काम शुरू करने है, और किन कामों को तुरंत बंद करना है? हमें अपनी वर्तमान आदतों में, क्या-क्या बदलाव करने कि आवश्यकता है?


हम अपनी वर्तमान आदतों कि वजह से, जो बन सकते थे, वह बन चुके है, जो हासिल कर सकते थे, वह कर चुके है, जहाँ तक पहुँच सकते थे, हम वहां पर पहुँच चुके है। अगर हमें लगता है, कि हमें इससे कुछ अलग करना चाहिए, और वर्तमान से ज्यादा प्राप्त करना है, तब हमें अपनी आदतों, सोच और कामों में बदलाव करना बेहद आवश्यक हो जाता है। जिसकी शुरुआत अभी से करनी पड़ेगी।


आप क्या हासिल कर सकते है।


मुझे यह पक्का यकीन है, कि अधिक प्राप्त करने की प्रक्रिया पुस्तक के माध्यम से आप, यह सब जान पाएंगे, कि वह कौन सी विश्वसनीय प्रक्रिया है, जिसके बार-बार प्रयोग से आप, अपने लिए असीमित समय और दौलत का निर्माण कर सकते है। ताकि आपके द्वारा इच्छित लक्ष्य, सटीकता से प्राप्त हो सकें। जिससे आप समाज, देश और पूरे संसार में अपना सार्थक योगदान दे सकें। और इस सार्थक योगदान के बदले में, आप खुद को व अपने परिवार को अनचाहा जीवन जीने कि बजाए, मनचाहा जीवन जीने कि स्वतंत्रता प्रदान कर सकें।

इस पुस्तक को कहाँ से प्राप्त करें।


इस बेहतरीन पुस्तक को आप, डिस्क्रिप्शन बॉक्स में दिए गए लिंक पर क्लिक करके मंगवा सकते है। आपके लिए एक स्पेशल ऑफर है, कि आप अभी आर्डर करते है तो आपके लिए इस पुस्तक पर शिपिंग चार्ज 100% फ्री रहेगा। यह पुस्तक आप नोशन प्रेस, फ्लिप्कार्ट और अमेज़न पर उपलब्ध है।


लेखक परिचय


यश माकड़ एक बढ़ते हुए सेल्फ हेल्प उद्यमी है, जो एक पॉडकास्टर, यूट्यूबर और हिंदी ऑडियोबुक नैरेटर भी है। इनके द्वारा रिकार्डेड 30 से ज्यादा पुस्तकों, को 24 देशों में, 22 मिलियन से ज्यादा बार सुना जा चूका है। इन्हें आज आधा मिलियन से ज्यादा लक्षित लोग, फ़ॉलो कर रहे है।


इन्होने अपना करियर आईडीबीआई बैंक के, एक बिक्री सहायक के रूप में शुरू किया था। इसके बाद वे एसबीआई, रिलायंस, उज्जीवन, किंग कोल माइनिंग, और कई अन्य बड़ी कंपनियों के साथ काम कर चुके है। जहाँ बिक्री, प्रबंधन, फाइनेंस और मानव संसाधन जैसे विभागों में सेवाएं दे चुके है। उन्हें नियोक्ताओं द्वारा सर्वश्रेष्ठ कार्य के लिए कई पुरस्कार और प्रशस्ति-पत्र भी प्रदान किये गए थे।


यश ने, अपने पिछले 20 सालों के अनुभवों के आधार पर, लक्ष्य बनाने, उन्हें पाने कि प्रक्रिया और आदतों पर, अपना लेखन कार्य शुरू किया है। इनके द्वारा लिखित “अधिक प्राप्त करने की प्रक्रिया” पहली पुस्तक है। जिसमें लक्ष्यों को सटीकता से पाने के प्रयोगों, और तकनीकों को प्रस्तुत किया गया है। आप इनके बारे में और ज्यादा जानने के लिए इनकी वेबसाइट पर क्लिक कर सकते है।