What is Success? Hindi Audiobook Ch 1

Updated: Apr 3



चैप्टर 1: महान लोगों का विश्लेषण


मुझे एक बार स्वर्गीय जे. पियरपोंटे मॉर्गन के साथ महासागर पार करने का अवसर मिला था। हम दोनों इटली जा रहे थे। हम अब एड्रियाटिक समुन्द्र, में यात्रा करते हुए, हम पहले अज़ोरेस और Madeira Islands में कुछ समय रुककर आगे जाते थे। लेकिन इस बार कुछ यात्रियों को छोड़कर हम Madeira Islands के पहाड़ों पर श्री मॉर्गन के साथ चल पड़े।


यात्रा शुरू करने के लिए पहाड़ी की शुरुआत में ही बने टिकेट ऑफिस से हमने राउन्ड ट्रिप टिकट खरीद लिया। हमारी संख्या ज्यादा होने के कारण हमें टिकट खरीदने के लिए खिड़की के सामने लाइन बनानी पड़ी। यह लाइन काफी तेजी से आगे बढ़ रही थी, अब मि. मॉर्गन की बारी आई और वे खिड़की पर पहुंच गए; लेकिन उन्हें यहाँ काफी समय लग रहा था। इस देरी का कारण पूछने पर, पता चल की श्री मॉर्गन के पास वहाँ पर चलने वाली मुद्रा नहीं थी बल्कि उनके पास अमेरिकी डॉलर थे। हालांकि यह टिकट मात्र कुछ सेंट की ही थी लेकिन फिर भी सही पैसा नहीं होने की वजह से उन्हें इसे खरीदने के लिए काफी मसकक्त करनी पड़ी। इस समय मॉर्गन को टिकट पाने के लिए वास्तव में डॉलर की बजाए बहुत ज्यादा समय और तर्क शक्ति की आवश्यकता थी।



वे जब वापिस जहाज पर लौटे तब उन्होंने महसूस किया की उनका समय इतना कीमती है की उन्हें हर घंटे के सैंकड़ों डॉलर मिल रहे थे लेकिन फिर भी कुछ छूटे पैसे यानि पन्नी इकट्ठी करने के लिए सैंकड़ों डॉलर का समय और मेहनत करनी पड़ी थी। इस हिसाब से जब उन्होंने पूरे ग्रुप का हिसाब लगाया तो उन्होंने यहाँ पर जितना समय लगाया था इसकी लागत कई हजार डॉलर थी। इसे लेकर मिस्टर मॉर्गन निराश नहीं थे बल्कि वे तो केवल उत्तर खोज रहे थे: की “इन्टेग्रिटी का कोई सबक कभी महंगा नहीं पड़ता", क्योंकि इन्टेग्रिटी सीखने की आवश्यकता आज के कारोबारी जीवन में सबसे बड़ी उच्च पदों पर बैठे लोगों को है।


मॉर्गन कहते है की जब भी इन्टेग्रिटी सिखाने का कोई अवसर खुद को मेरे सामने प्रेजेंट करता है तो मैं इसे हमेशा लपक लेता हूं। कभी-कभी अवसर तब भी मेरे सामने आता है जब मैं न्यूयॉर्क बैंक के अध्यक्ष या किसी ग्रेट रेलरोड सिस्टम के महाप्रबंधक के साथ बात कर रहा होता हूँ। और कभी कभी अवसर ऐसे समय पर आता है जब सड़क पर चलने वाले के साथ बातचीत करते समय या टिकट खरीदते समय, जैसा कि आज सुबह हुआ था। बिजनस की सबसे बड़ी जरूरत अखंडता है और जब इसे सीखने का अवसर होता है तब यह बिना किसी कीमत के हमारे सामने उटपन हो जाता है। खासकर युवाओं को इसे सीखने की जरूरत है, क्योंकि यह हर बार आपकी सफलता को निश्चित करने की गारंटी देता है।


जे. पियरपोंट मॉर्गन उस दौर के एक सर्वश्रेष्ठ कप्तान थे जब अमेरिकी वित्त में आईएनजी आंकड़ा '93 की मंदी के बाद मार्केट उठ रहा था। अभी तक वे कई मायनों में एक बहुत ही साधारण व्यक्ति थे। उनका एक अनिश्चित स्वभाव था जिसे उन्होंने बड़ी मुश्किल से नियंत्रित किया; उनका सबसे खास स्वभाव यह था की वे अक्सर त्वरित निर्णय लेते थे और एक्शन ले लेते थे जिससे वे अक्सर गंभीर गलतियाँ कर बैठते थे। जिसका उनके दुश्मन लाभ उठाते थे। लेकिन वे मित्र और शत्रु दोनों को एक समान देखते थे जिससे सभी ने उन पर भरोसा किया।


जब दो बड़े रेल रोड़ सिस्टम्स के बीच में किसी बात को लेकर अनबन हो गई थी तब उसके अधिकारियों ने इसे सुलझाने का भार मॉर्गन के कंधों पर छोड़ दिया। उस समय जब कई ग्रेट स्टील corporation ने एक दूसरे को बर्बाद करने के लिए कीमतें कम करनी शुरू कर दी थी, तब मॉर्गन अकेले आदमी थे जो उस समय के इस फाइनैन्शल कम्यूनिटी को आने वाली बर्बादी से बच सकता थे। इससे पहले भी इस कम्यूनिटी पर जब भी कोई मुसीबत आई, सभी ने एकमत से मॉर्गन पर सहमति जताई की वे जैसा कहेंगे हम सभी वैसा ही करेंगे, और इसी विश्वास को बनाए रखते हुए वे उन्हें इस अंधेरे जंगल से बाहर लेकर आए। और यह बात विशेष रूप से 1893, 1903 और 1907 की भयंकर मंदी के समय सच साबित हो चुका था। वह एकमात्र ऐसे व्यक्ति थे जो मंदी के दौरान विचलित होने वाली ताकतों को एक साथ लाने और उन्हें सामान्य उद्देश्य के लिए काम करने में सक्षम बनाते थे। उन्होंने उन पर भरोसा किया क्योंकि वे ईमानदारी से अपनी कम्यूनिटी के लिए हमेशा खड़े रहे। यह गुण उन्हें अपने पिता जूलियस से विरासत में मिला था, जिसे अब उनका बेटा जैक आगे बढ़ा रहा है, जो अब मॉर्गन हाउस का मुखिया है।


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एक सफल करिअर की बिल्डिंग बनाने के लिए इन्टेग्रिटी सबसे पहली खड़ी की जाने वाली दीवार है। बेईमान आदमी इसमें कभी सुखी नहीं रह सकता। सचाई और खुशी हमेशा एक साथ रहते है। हो सकता है एक आदमी सच्चा हो और खुश न हो; लेकिन यह नहीं हो सकता की एक झूठा इंसान हमेशा खुश रहेगा। इस संसार में किसी भी बीमारी की अपेक्षा बेईमानी ने लोगों को सबसे ज्यादा मारा है।


मेरे प्रोफेशनल वर्क के दौरान, मुझे बड़ी बड़ी इंडस्ट्रीज़ की हिस्ट्री स्टडी करने का अवसर मिला है। मैंने इस स्टडी के दौरान यह पाया है की इन सभी बड़े बिजनस में से प्रत्येक को बनाने के लिए इसका विचार सबसे पहले किसी एक व्यक्ति की आत्मा में पैदा हुआ है। इसी तरह अमेरिका के किसी महापुरुष के संघर्षों को बताए बिना अमेरिका के किसी भी महान उद्योग की कहानी बताना असंभव है।


इसलिए, जब स्टीमशिप के बारे में बात की जाती है, तो हम फुल्टन के बारे में सोचते हैं; जब ट्रांस-अटलांटिक केबल के बारे में बात की जाती है, तो हम फील्ड के बारे में सोचते हैं; जब टेलीग्राफ का उल्लेख किया जाता है, तो हम मोर्स के बारे में सोचते हैं; और जब काटने की मशीन दिखाई देती है, तो हम मैककॉर्मिक के बारे में सोचते हैं। रबर उत्पादों के साथ गुडइयर का नाम हमेशा के लिए जुड़ा रहेगा; राइट का नाम, हवाई जहाज के साथ; एडिसन का नाम, गरमागरम बल्ब के साथ; वायरलेस टेलीग्राफ के साथ मार्कोनी; और अलेक्जेंडर ग्राहम बेल्स, टेलीफोन के साथ। फिर जब कोई इन लोगों के जीवन का अध्ययन करना शुरू करता है, तो वह अनिवार्य रूप से पाता है कि वे सभी अत्यधिक मेहनती थे। "प्रतिभा ही कड़ी मेहनत का दूसरा नाम है" इससे ज्यादा सत्य और दूसरा कोई भी आज उपलब्ध नहीं है।


मुझे याद है कि एक बार मैं अपने न्यूयॉर्क कार्यालय में था और क्लर्क ने मुझे बताया था कि थॉमस ए एडिसन के सहायक, मिस्टर मीडोक्रॉफ्ट, मुझसे 'फोन पर' बात करना चाहते है। वे न्यू जर्सी के वेस्ट ऑरेंज से बात कर रहे थे, और उन्होंने कहा कि मिस्टर एडिसन मुझे आज "बारह बजे" मिलना चाहते हैं। मैंने अपनी घड़ी को देखते हुए जब उसमें अभी बारह बजने में बीस मिनट बाकी थे, मैंने उत्तर दिया:


“मुझे माफ कीजिएगा, अब बारह बजने में मात्र बीस मिनट ही बचे हैं; इतने कम समय में, मैं संभवतः वेस्ट ऑरेंज, न्यू जर्सी, तक समय पर नहीं पहुंच सकता।"


"ओह," मिस्टर मीडोक्रॉफ्ट ने उत्तर दिया, "मि. एडिसन आपसे दोपहर के बारह बजे नहीं बल्कि वे तो आपसे रात के बारह बजे मिलने के किए कह रहे है।”


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लगभग 10 बजे मैं पेन्सिलवेनिया होटल से निकला, जहां मैं न्यूयॉर्क में रुकना पसंद करता हूं, और वेस्ट ऑरेंज, न्यू जर्सी के लिए ट्रेन पकड़कर, लगभग 11 बजे मिस्टर एडिसन के घर पहुंचा, मुझे लिविंग रूम में ले जाया गया और मि. एडिसन पियानो पर कुछ संगीत सुन रहे। उनके पास एक प्रसिद्ध पियानोवादक था जो संगीत को जोड़ने की कोशिश कर रहा था। यह एक भव्य पियानो था जिसका कवर चौड़ा था। मिस्टर एडिसन पियानो के दूसरी तरफ झुक रहे थे और 'अपने कान पर हाथ और अपने सिर को कवर किए हुए थे। जाहिरा तौर पर फोनोग्राफ, संगीत के सभी टुकड़ों को ठीक से रिकॉर्ड नहीं कर सका था। इस अद्भुत मशीन द्वारा हाई और लौ नोड अच्छी तरह से रिकॉर्ड नहीं किए गए हैं। मिस्टर एडिसन के पास बड़ी संख्या में इस समय संगीत के सिलेक्शन के ऑप्शन थे जो यह आदमी बजाने की कौशिश कर रहा था। वे इनमें से कुछ को केवल कुछ राग बजाए जाने के बाद बाहर फेंक देते थे; कुछ को वह आधा बजाता और फिर बाहर फेंक देता; कभी कभी वह किसी को ठीक पाता तो उसे अपनी जेब में रख लेता।


अब बारह बजने में पांच मिनट बाकी थे, जब उन्होंने इसे बर्खास्त कर दिया, फिर पियानोवादक और मुझे ऊपर आने के लिए कहा। ठीक बारह बजे हम भोजन के लिए बैठ गए। श्रीमती एडिसन ने मुझे बताया कि इतनी देरी में भिजन करना हमारे साथ एक प्रथा जैसी ही बात बन गई है। मिस्टर एडिसन विलक्षण प्रतिभा के धनी थे; एक दिन में अठारह से बीस घंटे काम करना उसके लिए कुछ नहीं था। जब वे किसी काम में ज्यादा इंटेरेस्ट लेते थे तो दो या तीन दिन बिना कपड़े बदले, लगातार लैब में व्यस्त रहते रहते है, हालांकि उनकी लैब उनके घर के नजदीक ही थी।


यदि हम इंडस्ट्री के उन महान लोगों की कोई एक उत्कृष्ट विशेषता की बात करें जो उनकी सबसे कॉमन बात है, वह यह है की उनमें से प्रत्येक किसी न किसी काम में फेल रहे है। किसी भी एक मनुष्य में सभी गुण नहीं हो सकते है। उद्योग के लगभग हर महान कप्तान की निर्णय लेने की क्षमता को छोड़कर कोई न कोई विशिष्ट कमजोरी होती है। दूसरी ओर, वे सभी जबरदस्त मेहनती होते हैं। जब ये लोग जनरल बोगी में सवारी करते है, तो अक्सर इनके "पक्ष और विपक्ष" में आमतौर पर चर्चा सुनने को मिलती है। धन, शक्ति और प्रसिद्धि अर्जित करने वालों की आलोचना और महिमांमंडन करना आम बात है। हालाँकि, आपने इन ग्रेट पर्सनैलिटी में से एक को भी कभी नहीं सुना हो सकता है, आप बिना इनके आलोचकों को सुने भी सर्वसम्मति से इस बात के लिए सहमत होते हैं कि, “वे एक महान कार्यकर्ता थे। उसके बारे में और जो कुछ भी निश्चित तौर पर कहा जाए, तो यह की वे मेहनती है। वे सुबह ऑफिस में सबसे पहले और रात में निकलने वाले सबसे आखिरी इंसान होते हैं। वे हमेशा अपने काम के बारे में बस हमेशा काम के बारे में सोचते रहते है।" इसलिए, इंडस्ट्री के लिए उन्हें सफलता की दूसरी दीवार के रूप में चुनना बहुत ही उचित है। इसके अलावा, इन्टेग्रिटी की तरह ही, यह एक महत्वपूर्ण वाल है। ये दोनों मिलकर ही किसी भी स्ट्रक्चर का कॉर्नर बनाते हैं।


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1897 से 1903 तक पत्रिकाएं और समाचार पत्रों ने स्टैंडर्ड ऑयल कंपनी और उसके संस्थापक, जॉन डी. रॉकफेलर की बहुत सारी कहानियाँ पब्लिश होती रहती थी। स्टैंडर्ड ऑयल कंपनी या मिस्टर रॉकफेलर के बारे में इन दिनों मार्केट में कुछ भी बुरा नहीं था, फिर भी इन नामों के बारे में पब्लिश करना और पढ़ना दोनों का ही लोगों में एक अट्रैक्शन था। अब जब वह दुनिया का सबसे बूरा इंसान बन चुका था तब भी पत्रिकाएँ उनके बारे में कहानियाँ छाप रही थी, लेकिन इसके बावजूर उनके शब्दों का जादू लोगों पर था। उनके बारे में लिखने के लिए लोग इतना तक ख्याल करते थे की वे किस बिल्डिंग में जा रहे है, वे किस शहर का दौरा कर रहे है, जब भी कोई इस तरह की बात सामने आती तो यह खबर पूरे देश में टेलीग्राफ द्वारा हर अखबार में महत्वपूर्ण समाचार में भेज दी जाती थी ताकि यह उनमें पब्लिश की जा सके। मुझे स्पष्ट पता नहीं है की उनके साथ इस तरह का व्यवहार क्यों किया जा रहा था? होस कट है रॉकफेलर दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति थे इसलिए, या फिर शायद जनता की भावना बदल रही थी, इसलिए भी हो सकता है लेकिन वास्तव में यह मुझे नहीं पता। लेकिन, फिर भी, वे उन दिनों, अमेरिका में महान उत्कृष्ट व्यक्ति थे, और वे अपने समय के किसी भी राष्ट्रपति, बैंकर या रेलरोड मैग्नेट को बहुत ज्यादा प्रभावित करते थे।


वे वास्तव में एक रेमारकेबल person थे। उनका जन्म 8 जुलाई, 1839 को रिचफोर्ड, एनवाई में हुआ था, वे चौदह साल की उम्र में क्लीवलैंड शिफ्ट हो गए और सोलह साल की छोटी सी उम्र में $25.00 /मन्थ पर काम करने लगे थे। चार साल काम करने के बाद उन्हें प्रति वर्ष केवल $700.00 ही मिलते थे, और फिर भी वे पचपन वर्ष की ऐज में दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति के रूप में रिटायर हुए। मैंने रॉकफेलर की पावर के सेक्रेट्स के बारे में कई चर्चाएं सुनी हैं। कुछ लोगों ने यह तर्क दिया है कि यह उनकी तीव्र धार्मिक भावनाओं के कारण संभव हो पाया था, और दूसरों ने उनकी जबरदस्त ऊर्जा को इसका कारण बताया व कुछ ने इसे उनकी गहरी दूरदर्शिता को कारण बताया। हालाँकि, उनके सबसे करीबी दोस्त बताते है कि उनकी सफलता का सबसे बड़ा कारण उनकी इन्टेलिजन्स थी, जिसका उन्होंने व्यापक रूप में उपयोग किया था। हालांकि उनके पास कोई कॉलेज की डिग्री नहीं थी। बस केवल कुछ वर्षों की साधारण स्कूली शिक्षा मात्र थी। लेकिन वे जीवन भर हमेशा एक छात्र ही थे, वे हर समय सीखते रहते थे।


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उन्होंने सबसे पहले तो अपनी नौकरी में महारत हासिल की जो उन्हें मिली थी। उनके बारे में यह भी कहा जाता है कि वे इतने भाग्यशाली व्यक्ति थे की जब उन्होंने तेल उद्योग में प्रवेश किया, तो इस सेक्टर में गजब का उछाल आया था। जब कोई रॉकफेलर के बारे में सुनता है, तो वह स्वाभाविक रूप से ऑटोमोबाइल और गैसोलीन के यूनवर्सल use के बारे में ही सोचता है। फिर भी जब रॉकफेलर दुनिया के सबसे अमीर आदमी थे, तब कपड़े साफ करने के लिए दर्जी के अलावा ऑटोमोबाइल और गैसोलीन जैसी कोई चीज नहीं थी! नहीं, इसका मतलब है की पेट्रोलियम उद्योग में रॉकफेलर के लक के बीच में कोई सीधा संबंध नहीं था। उन्होंने तो अपना सारा धन अपनी बुद्धि और संगठन कुशलता से बनाया था। कुछ का यह भी दावा है कि रॉकफेलर ने ही ऑटोमोबाइल उद्योग को इतना बड़ा बनाया था, कुछ का यह भी दावा है कि रॉकफेलर ने ही ऑटोमोबाइल उद्योग को संभव बनाया था। लेकिन ऑइल इंडस्ट्री को संगठित करने में उनके प्रारंभिक कार्य के बिना, ऑटोमोबाइल का व्यवसायीकरण नहीं किया जा सकता था; लेकिन यह ऐसा नहीं है।


रॉकफेलर ने अपने प्रारंभिक वर्षों में एक forwarding और प्रडूस कमिशन बिजनस से संबंधित काम किए थे। वे एक नैच्रल स्टूडेंट और इन्वेस्टगैटर थे। वे एक कमिशन हाउस में काम करते थे और उस फर्म के माध्यम से ओहियो के किसानों को अपना कस्टमर बनाकर उनके सौदे करवाते थे और बीच में उनसे कमिशन कमाते थे। उस कमीशन हाउस के साथ उन चार वर्षों के दौरान उन्होंने खुद बिजनस शुरू करने का फैसला किया, और फिर वे यह निर्धारित करने के लिए निकल पड़े कि किस बिजनस लाइन में सबसे ज्यादा ग्रोथ और डेवलपमेंट हो सकती है।


उन दिनों ऑइल इंडस्ट्री अपनी युवावस्था में थी, उन्होंने बहुत सावधानीपूर्वक इन्वेस्टगैशन और कैल्क्यलैशन करने के बाद इसे चुना। जब वे बाईस वर्ष के थे तब उन्होंने एंड्रयूज, क्लार्क एंड कंपनी की ऑइल refining फर्म की स्थापना में मदद की थी, जिसे कुछ ही समय बाद रॉकफेलर एंड एंड्रयूज नाम दे दिया गया था। उस दिन से मिस्टर रॉकफेलर ने कभी भी बिना सटीकता के साथ गणना करे बिना कोई कदम नहीं उठाया, वे न केवल काम खत्म करने के लिए, जैसे उन्हें क्या करना चाहिए, बल्कि दूसरे उनके काम में क्या रुकावटें डाल सकते है, और दूसरे उनके काम के कैसे सहयोग कर सकते है, यहाँ तक वे विचार करते थे। उनके पास जबरदस्त दूरदर्शिता थी, वे हमेशा आगे की ओर देखते थे। यही ट्रू इन्टेलिजन्स होती है।


आज भी किसी कॉलेज में डिप्लोमा इन इंटेलिजेंस उपलब्ध नहीं हैं। कुछ लोग मेमोरी को इंटेलिजेंस मानने की गलती कर बैठते है, जो गलत है। एक फोनोग्राफ या डिक्टाफोन भी इंटेलिजेंस नहीं होती है। एक बहुत बड़ी पब्लिक लाइब्रेरी में बड़ी संख्या में फैक्ट उपलब्ध होते है, लेकिन यह इंटेलिजेंस नहीं है। एक बार मिस्टर रॉकफेलर से पूछा गया कि वे अपनी इंटेलिजेंस के बारे में किसे श्रेय देना चाहेंगे। तब उन्होंने उत्तर दिया: "मेरे पास जो भी इंटेलिजेंस यानि बुद्धि है वह मेरे पिता और माँ की देन है। वे ही थे जिन्होंने मुझे प्रशिक्षित किया। मुझे याद है कि जब मैंने अपना बिजनस शुरू किया, तो मेरे पिता जी ने मुझे 10 प्रतिशत ब्याज पर 1,000 डॉलर उधार दिए थे। मुझे पैसे उधार देते समय, उन्होंने मुझे क्रेडिट की बुनियादी बातों पर और क्रेडिट कैसे ईस्टैब्लिश किया जाए, इस पर कुछ अच्छी और बुनियादी बातें सिखाई थी। यह जानकारी मेरे फॉर्चून का बेस थी। उन्होंने न केवल मुझे अपने दायित्वों को पूरा करने में सक्षम होने की आवश्यकता के बारे में निर्देश दिए, बल्कि उन्होंने इस प्रोसेस में मेरी पूरी तरह से परीक्षा ली। जब भी मनी मार्केट में एक पिन्च होता है, तब मेरे पिता मुझे मेरे लोन के बारे में याद दिलाते रहते थे। पहली बार, जब मैं अपने लोन की किश्त नहीं चुका पाया था तब उन्होंने मुझे बहुत बुरी तरह डांटा था। अगली बार जब उन्होंने मुझे फोन किया, तो मैं हज़ार डॉलर का आधा भुगतान करने में सक्षम था, और उन्होंने फिर मुझसे तीखी बात की। हालांकि, कुछ ही हफ्तों में, वे मुझे 500 डॉलर का कर्ज देने के लिए फिर से तैयार हो गए थे, जो मैंने उन्हें चुकाये थे। उसके बाद मैं हमेशा अपने दायित्वों को पूरा करने के लिए अन्डर कंट्रोल था, और जब भी उन्होंने हजार डॉलर की मांग की, मैं उन्हें भुगतान करने में सक्षम हो चुका था। केवल ऐसे टेस्ट और ट्रैनिंग से ही वास्तव में इंटेलिजेंस सिखाई जाती है। इंटेलिजेंस को बुक्स या लेक्चरस से नहीं सीखा जा सकता। Teachers और tutors यात्रा का रास्ता बता सकते हैं, लेकिन यात्रा आपको ही पूरी करनी पड़ेगी।”


इंटेलिजेंस, सक्सेस स्ट्रक्चर की तीसरी दीवार होती है। लेकिन जैसा कि रॉकफेलर ने संकेत किया है, की यह इंटेलिजेंस ही है, जो इक्स्पीरीअन्स और ट्रैनिंग से आती है। इसलिए मनुष्य की जीवनपर्यंत शिक्षा के संबंध में लैब वर्क और लाइव इन्स्पेक्शन की इम्पॉर्टन्स है। बुक्स एक वैल्यूबल टूल हैं; लेकिन इन टूल्स का कैसे बेहतरीन तरीके से उपयोग किया जा सकता है यह केवल इक्स्पीरीअन्स और प्रैक्टिस के माध्यम से सीखा जा सकता है।


11 नवंबर, 1859 को लंदन में एक बच्चे का जन्म हुआ, जिसका अमेरिका आना और दुनिया के सबसे बड़े इलेक्ट्रिक पावर सिस्टम को विकसित करना तय था।


लड़के का नाम सैमुअल इंसुल रखा गया, और वह 28 फरवरी, 1881 को अमेरिका में उतरा। कुछ समय के लिए उसने न्यूयॉर्क में मिस्टर एडिसन को, उस शहर की लाइट सिस्टम डिवेलप करने में मदद करने के लिए काम किया। हालाँकि, यह 1889 का साल था जब मिस्टर इंसुल की सर्विस को वास्तव में मान्यता दी गई थी, और 1892 से पहले उन्हें शिकागो एडिसन कंपनी के अध्यक्ष के रूप में अपना महान अवसर दिया गया था।


कई बड़े बड़े लोग इलेक्ट्रिक इंडस्ट्री के डेवलपमेंट से जुड़े हुए थे। इस पुस्तक के पुराने पाठकों को व्हिटनी, विडेनर, यर्केस और ब्रैडी जैसे नाम याद होंगे। ये और उनके सहयोगी सभी पुराने स्कूल के दोस्त थे जो जनता की बहुत कम परवाह करते थे। हालाँकि, सैमुअल इंसुल ने इलेक्ट्रिक फील्ड में एक नया क्रम विकसित किया। वे इस इंडस्ट्री के पहले महान प्रमोटर थे जिनके पास कल्पना और दूरदर्शिता थी। कई लोगों ने इंसुल को कोरे सपने देखने वाला कहा; दूसरों ने लापरवाही से उनकी पहल को गलत समझा है। हालाँकि, कुछ लोगों ने अधिक कन्स्ट्रक्टिव और क्रिएटिव कार्य किया है या ज्यादा टेक्निकल और मनोवैज्ञानिक कठिनाइयों को दूर किया है। जब आज इलेक्ट्रिक इंडस्ट्री में जो दो नाम प्रमुखता से लिए जाते है तो उनमें सबसे पहला नाम आता है वह है, शिकागो के मिस्टर इंसुल, और दूसरा नाम है डेट्रॉइट के मिस्टर डॉव। जब इनकी सबसे आउट्स्टैन्डिंग विषशताओं की बात की जाती है तो सभी इस बात से सहमत हैं कि उनकी सफलता उनकी पहल करने की क्षमता और कल्पना के कारण है।


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सैमुअल इंसुल ने अपना करिअर एक ऑफिस बॉय के रूप में $ 1.25 प्रति सप्ताह से शुरु किया था। जब उन्हें शिकागो में एक छोटी इलेक्ट्रिक कंपनी की अध्यक्षता दी गई, तो कंपनी का कुल उत्पादन केवल चार हजार हॉर्स पावर का था। आज, इंसुल के पावर स्टेशनों में लगभग 700,000 हॉर्स पावर की पर्डक्शन कपैसिटी है, और कई वाटर पावर के पर्डक्शन के अलावा, एक दिन में तीन से चार सौ टन कोयले का use होता है; वे आज लगभग 20,000 लोगों को रोजगार देते है, और उसकी पावर की सेल्स से होने वाली आय लगभग एक मिलियन डॉलर प्रति सप्ताह की इंक्रेयडिबले अमाउन्ट तक पहुंच जाती है।


मैंने एक बार शेनेक्टैडी के डॉ. स्टीनमेट्ज़ से पूछा कि वे आजकल अपनी ऊर्जा को किन नए आविष्कारों में लगा रहे है। उन्होंने उत्तर दिया कि उनके पास नए आविष्कारों को देने के लिए अधिक समय नहीं है, क्योंकि इसने उन्हें इनसुल में व्यस्त रखा है। इंसुल लगातार बड़े बिजली स्टेशनों का निर्माण कर रहा था जिससे बड़े और बड़े वोल्टेज को संचारित करना आवश्यक था। "इसमें मेरा सारा समय लगता है," डॉ। स्टीनमेट्ज़ ने कहा, "इनसुल विकसित होने वाली पावर की देखभाल करने के लिए इंसुलेटर को पर्याप्त रूप से सुरक्षित रूप से डिजाइन करने के लिए ही समय लग रहा है बस।"


इंसुल पहले इलेक्ट्रिकल इंजीनियर थे, जिनके पास लगभग पूरे राज्य को आपूर्ति करने के लिए एक बड़ी सिंगल यूनिट ईस्टैब्लिश करने और अपने सपनों को सच करने की दृढ़ता दोनों की पहल थी। किसी के काम की योजना बनाना एक बात है और किसी की योजना पर काम करना दूसरी बात। आज कई ऐसे लोग हैं जिनके पास इन्टेग्रिटी यानि ईमानदारी और इंडस्ट्री है और यहां तक कि बुद्धि भी है, लेकिन फिर भी सक्सेस नहीं हो पाते हैं। उनके पास नए एन्टरेपरिसेस शुरू करने, नई राहों को आगे बढ़ाने और नई सेवाओं को करने की पहल करने की चौथी गुणवत्ता का अभाव है।


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अपने पिता के बाद, मैं शायद सबसे ज्यादा ऋणी हूँ तो वह है द सैटरडे इवनिंग पोस्ट के संपादक जॉर्ज एच. लोरिमर का। मिस्टर लोरिमर अपने पिता की तरह-उच्चतम सिद्धांतों के व्यक्ति हैं, वे स्टील की तरह चतुराई के स्वभाव के हैं। जब उन्होंने कॉलेज छोड़ दिया तो वे शिकागो चले गए और जल्द ही आर्मर एंड कंपनी के संस्थापक के सचिव बन गए। समय के साथ वे आर्मर प्लांट के एक महत्वपूर्ण विभाग के प्रमुख बन गए। एक समय के बाद, श्री आर्मर की गंभीर चेतावनी की अवहेलना करते हुए कि वह जीवन भर एक गरीब व्यक्ति की पीठ खुजलाएंगे, उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया और बोस्टन चले गए, जहां वे द बोस्टन पोस्ट के एक रिपोर्टर बन गए। आगे की ट्रैनिंग की आवश्यकता महसूस करते हुए उन्होंने एक या दो साल कोल्बी कॉलेज में बिताए, जहाँ उन्होंने साहित्यिक और आर्थिक अध्ययन में विशेषज्ञता हासिल की।


अगर आप मिस्टर साइरस एच. कर्टिस, या मिस्टर एडवर्ड बोक, या कॉलिन्स, बिजनेस मैनेजर, या बॉयड, एडवरटाइजिंग मैनेजर से पूछेंगे कि लोरिमर की सफलता का रहस्य क्या है, तो वे जवाब देंगे, "इन्टेन्सिटी यानि तीव्रता और कान्सन्ट्रैशन यानि एकाग्रता।" वे केवल एक समय में एक ही काम करते है, और केवल एक ही विचार पर सोचते है। उस समय किसी भी दूसरे काम के बारे में उनकी रुचि जगाना असंभव है। द सैटरडे इवनिंग पोस्ट पर उनका दिमाग लग गया है, और उन्हें इसके अलावा दाएं या बाएं नहीं दिख रहा है। उन्हें सभी प्रकार के सम्मान, बड़े निगमों और इसी तरह के निदेशकों की पेशकश की गई है, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। बैंकों ने उन्हें अपने बोर्डों ऑफ डायरेक्टर बनाने की कोशिश की है; सरकार ने उसे सम्मान दिया है, लेकिन वे बस एक ही बात कहते है की 'मैं तो बस यह एक काम करता हूं।


एक दिन मैंने उनके एक परिचित से पूछा कि लोरिमर गोल्फ क्यों नहीं खेलते है। जवाब था, "लोरिमर तब तक कुछ नहीं करेंगे जब तक वे इसे अच्छी तरह से खेलना नहीं सिख लेते है। लेकिन समस्या यह है की उसके पास अच्छी तरह से गोल्फ खेलना सीखने का समय ही नहीं है, और परिणामस्वरूप वे इसे बिल्कुल भी नहीं खेलेंगे। यही सिद्धांत है जिस पर वे काम करते है। उनके साथ के अन्य लोग इंडस्ट्री के महान कप्तान बन गए हैं, क्योंकि, लोरिमर की तरह, वे पिता की धार्मिक भावनाओं और मां की कठोर तपस्या की संयुक्त सोच हैं। लेकिन, पब्लिशिंग के सबसे कठिन बिजनस में कोई भी इतनी अच्छी तरह से सफल नहीं हुआ है। लोरिमर न केवल एक बड़ी सफलता बन गए है, बल्कि उन्होंने सबसे कठिन इंडस्ट्री में सक्सेस प्राप्त की है। उसकी सफलता उसकी तीव्रता के कारण है। इसलिए, सफलता के लिए तीव्रता या एकाग्रता आवश्यक है। चाहे आप किसी भी पेशे में हो, कन्स्ट्रक्शन में, या बिजनस में- वास्तव में, सफलता के लिए एक काम पर एकाग्र होना जरूरी है।


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तीन नाम हमेशा से एक साथ जुड़े हुए हैं, "रोचेस्टर," "फोटोग्राफी," और "जॉर्ज ईस्टमैन।" यहाँ एक इंसान है जिसने एक ऑल्मोस्ट अन्नोन बिजनस में सबसे हम्बल तरीके से स्टार्टिंग की। यह बुसनेस्स उन्होंने लगभग ज़ीरो से अमेरिका की ग्रेआटेस्ट इंडस्ट्री में से एक में डिवेलप किया। "कोडक" शब्द, जिसकी उत्पत्ति उन्होंने की थी, यह नाम आज हर कोई पहचानता है, उनकी फिल्में दुनिया भर के हर शहर और गांव में खरीदी जाती हैं।


जब उन्होंने फोटोग्राफिक बिजनस शुरू किया, तो केवल गीली प्लेटों का इस्तेमाल किया जाता था। फिर सूखी प्लेटों को डिवेलप किया गया, और उन्होंने इन सूखी प्लेटों को बनाकर इन्हें अपने बिजनस में जोड़ा। उनके काम के दौरान कुछ ऐसा हुआ जिससे यह पूरी प्रोसेस गायब हो गई। उन्होंने इसे फिर से खोजने की ठानी। उन्होंने यात्रा की, उन्होंने अध्ययन किया, उन्होंने सूखी प्लेट की समस्या का समाधान खोजा। उसकी सभी ब्रैंचेस में फोटोग्राफी में गहरी दिलचस्पी हो गई। वे कम्प्लीट फोटोग्राफी के लिए बहुत उत्सुक थे। अंत में उन्होंने फिल्म और फिर ट्रांसपेरेंट फिल्म पर हिट किया। वर्षों से चलती फोटोग्राफी के साथ प्रयोग करने वाले लोग, अब ट्रांसपेरेंट फिल्म की प्रतीक्षा कर रहे थे। फोटोग्राफी में ईस्टमैन की रुचि ने वास्तव में मूविंग पिक्चर इंडस्ट्री को संभव बनाया और साथ ही लाखों लोगों को अपने करीब लाए।


ईस्टमैन के अपने अनकहे लाखों डॉलर बनाने के बाद, उनकी फोटोग्राफी में रुचि काम नहीं हुई। उनमें आज भी उतनी ही दिलचस्पी है जितनी पहले थी। उन्हें हर मौके पर तस्वीरें लेना बेहद पसंद है। दुनिया में सबसे सुंदर, महान मूविंग पिक्चर थियेटर, जिसे उन्होंने रोचेस्टर में लोगों को समर्पित किया है, यह फिल्म में उनकी रुचि का परिणाम है। उन्हें हर ब्रांच में फोटोग्राफी करना पसंद है।


मुझे जॉर्ज ईस्टमैन में व्यक्तिगत रूप से दिलचस्पी रही है क्योंकि वे फेमस ‘मिस्टर स्मिथ” है। नतीजतन, ईस्टमैन पर हमेशा इंस्टिट्यूट के अलम्नाइ मीटिंग्स और क्लाससेस में डिस्कशन की जाती है। उन्होंने बहुत से ग्रैजूइट को अपॉइंट किया है, विशेष रूप से उन्हें, जिन्होंने केमिकल में से एक से ग्रैजवैशन किया है। उनमें से किसी से भी जॉर्ज ईस्टमैन की सफलता का कारण पूछें, तो वे आपको बताएंगे कि यह उनके काम में उनकी अत्यधिक रुचि, और उनकी व्यापक सहानुभूति और मानवीय समझ के कारण है। फिर भी इस चैप्टर में बताए सभी महान लोग अपने काम में और अन्य लोगों में रुचि रखते थे। किसी के काम में रुचि और दूसरे के प्रति सहानुभूतिपूर्ण समझ सफलता के स्ट्रक्चर के लिए आवश्यक होती है। अपनी दैनिक नौकरी को चलाने के लिए उसके पटरी दिल से सच्चे प्यार के बिना उस नौकरी में सफलता लगभग असंभव है- चाहे वह एक दुकान चलाना हो या फिर एक घर।


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ये सभी छह गुण 100% सक्सेस के लिए आवश्यक हैं, और उनमें से अधिकांश को अत्यधिक विकसित डिग्री तक रखना बेहद आवश्यक है। सफल पुरुषों और महिलाओं का एक अध्ययन यह स्पष्ट रूप से सच साबित करता है। कई उदाहरणों में इन लोगों ने सबसे अधिक उस फैक्टर को डिवेलप किया है जिसमें वे जीवन में शुरुआत करते समय सबसे कमजोर थे। प्रत्येक युवा पुरुष और महिला को इन छह गुणों का अध्ययन करना चाहिए और उन सभी को विकसित करने का प्रयास करना चाहिए, लेकिन विशेष रूप उसमें, जिसमें वह सबसे कमजोर है।


धन्यवाद, मिलते है अगले चैप्टर के साथ, हिन्दी औडियो बुक डॉट कॉम, आपका दिन शुभ हो!