The Monk who sold his Ferrari

'द मॉन्क हू सोल्ड हिज़ फेरारी', अब तक की Most Empowering Books में से एक है। यह बुक मुख्य रूप से आपको यह सिखाती है कि आप अपने जीवन ऐसा कैसे बनाएं, जो लॉंग लैस्टिंग हैपीनिस और फुल्फिल्मन्ट fulfillment की गारंटी देता हो। यह आपको इस बारे में जागरूक करती है कि अपनी outer life की बजाए inner life को बिल्ड करने पर focus करना ज्यादा महत्वपूर्ण होता है।



आप अपनी life में, आज जो कुछ भी हैं, वह आपके द्वारा लिए गए, decisions और choices की वजह से हैं। अगर आप आज successful हैं, तो आप अपनी choice की वजह से है। अगर आप successful नहीं हैं, तो भी आप अपनी choice की वजह से ही है। Successful होना, इस बात से define नहीं होता है की आपका कितना बैंक बैलन्स हैं? आपका घर कितना बड़ा है? बैंक बैलन्स की बजाए सबसे पहले आपका mind, body और soul तीनों चीजें balance में होनी बेहद आवश्यक है। हम सभी में एक चीज सबसे common है वह यह है की हम सब अपने जीवन में आगे बढ़ना चाहते हैं।


अभी इस समय भी, आपके पास एक choice है। इस समय आप इस विडिओ को देख रहे है और इससे कुछ सीख रहे है, ग्रहण कर रहे है। और इसे अपनी life में आप कैसे implement करें, इस बारे में विचार कर रहे है, या फिर इसे बस यूं ही देखकर छोड़ सकते है।


इस तरह की एक choice बुक के character Julian के पास उस समय पर थी जब उसे एक severe heart attack आया था। जब उसके डॉक्टर ने उससे यह कहा था की या तो वह इस समय अपने जीवन और अपनी successful Law practice दोनों में से एक को चुनना होगा। इस कहानी में आप पढ़ेंगे की वह कौंसि चॉइस थी जिसे जूलियन ने चुना था? जिससे उसकी पूरी जिंदगी transform हो गई थी?


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इस कहानी के अनुसार जूलियन पेशे से एक नामी गिरामी वकील है, वो कोई मामूली वकील नहीं, बल्कि वो बहुत अमीर वकील है। वह एक बहुत ही ambitious और successful वकील है। उसके सोचने के तरीके, dedication लेने की कला और अपने काम के प्रति उसकी मेहनत की वजह से, उनके पास वह सब कुछ है, जिसका नॉर्मल लोग सिर्फ सपना देखते रहते है। मार्केट में उसकी जबरदस्त reputation है, उसका बैंक बैलन्स million dollars में है, उसकी income लाखों डॉलर है, उसके पास एक बड़ा सा mansion, उसके पास खुद का personal jet और एक रेड कलर की shining करती हुई Ferrari गाड़ी है।





यह सब achieve करने के लिए, उसने दिन-रात लगातार 18-18 घंटे लगन और मेहनत से काम किया। जिसका असर उसकी बॉडी पर साफ साफ दिखाई देने लगा, वह 53 साल की उम्र में ही 70 साल जितना बूढ़ा दिखने लगा, उसके face पर झुर्रियां पड़ चुकी है। इतना काम करने की वजह से वह अपने पिता से भी बात नहीं कर पाता और उसकी शादी भी टूट चुकी है, उसकी out of balance lifestyle और खाने की गलत आदतों की वजह से वह बहुत overweight भी हो चुका है।


इन सब कारणों का रिजल्ट, finally Heart Attack के रूप में उसके सामने आया। एक दिन कोर्ट रूम में किसी मुकड़में के सिलसिले में बहस के दौरान Julian अचानक नीचे फर्श पर गिर जाता है। जब बाद उसको hospital लेकर जाया गया तो उसे होश आने पर doctors ने बताया की उसको गंभीर Heart Attack आया था। जिस वजह से वह बेचेत होकर गिर गया था।


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उसी courtroom में जूलियन का एक पुराना student भी उससे मिलने के लिए आया हुआ है, जिसका नाम John है। जब Julian hospital में भर्ती था उस समय के बाद वह न तो किसी से मिला था और न ही कभी वकालत की practice करने वापस court में आया था। इसी वजह से john की लाख कोशिशो के बावजूद वह अपने गुरु से मिल नहीं सका। क्योंकि Julian ने इस समय किसी से भी मिलने से एकदम से मना कर दिया था।


बाद में पता चला की जब उसे हार्ट अटैक आया था तब इलाज के दौरान डॉक्टर्स ने उसे लॉ प्रैक्टिस या लाइफ में से एक को अपनी choice से चुनने के लिए कहा था। अपनी चॉइस के आधार पर जूलियन ने लॉ प्रैक्टिस छोड़ दी। और अपनी बाकी सभी चीजें, जिसमें उसकी फेवरेट फेरारी भी शामिल थी उसे बेचकर, बिना किसी को बताए, अपनी लाइफ को फिर से track पर लाने व अपने कुछ अनसुलझे सवालो के जवाब पाने के लिए वो दुनिया के एकमात्र पौराणिक, आध्यात्मिक और अनादि ज्ञान से औतप्रोत देश भारत की एक रहस्मय जगह चला गया।


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इस incident के तीन साल बाद, जूलियन अपने पुराने दोस्त और शिष्य जान के ऑफिस में आया। जिसे देखकर जॉन आश्चर्य से हक्का बक्का सा उसे देखता रहा और अपने दिमाग पर जोर डालने लगा की यह एनर्जी से चमकते चेहरे वाला 30 साल का, एकदम फिट बॉडी वाला वह नौजवान कौन है, जिसके चेहरे पर बुद्धा जैसी smile है, john उसको देखता ही रह गया, उसके मुंह से एक भी शब्द नहीं निकल रहा था, कुछ देर इसी तरह मूर्ति बना हुआ इसी तरह खड़े रहने के बाद वो व्यक्ति बोला, अरे john क्या तुम अपने ऑफिस में आए हुए मेहमान का इसी तरह से स्वागत करते हो? और जैसे ही उस व्यक्ति ने यह बोला john की समझ में तुरंत गया आ गया की वह व्यक्ति और कोई नहीं बल्कि Julian ही है।


उसके इस transformation को देखकर, जॉन सप्राइज़ था। फिर उसके पूछने पर जूलियन ने बताया कि भारत में लगभग 7 महीने गांव गांव घूमने के बाद अंत में वह हिमालय के पर्वतों पर पहुंचा, जहां उसे साधुओं का एक ग्रुप मिला जिसे sages ऑफ sivana के नाम से जाना जाता था। उसने उनमें से एक साधु से दोस्ती कर ली थी जिसका नाम रमन था। जिसने एक शर्त पर अपना ज्ञान जूलियन के साथ शेयर करने का वादा किया की वह जहां से आया है वहाँ जाकर उस ज्ञान को अपने लोगों को सिखाएगा। जूलियन ने वहां सीखा की वह अपनी लाइफ को कैसे इम्प्रूव कर सकता है। उसने वे सभी चीजें सीखी जिससे उसका सारा जीवन ही बदल गया।


वह जॉन के पास अपनी सीखी हुई वे सभी तकनीकें शेयर करने वहाँ पर आया था। उसने जॉन को अपने भारत भ्रमण की पूरी story डिटेल्स में बताई। उस स्टोरी में वह वे सातों शिक्षाएं भी शामिल थी, जिन्हें सीखकर कोई भी अपने जीवन में मेंटल, स्पिरिच्वल और फिज़िकल बैलन्स प्राप्त कर सकता है।


तो आईये हम जानते है इस बुक को पढ़ने के वे चार कारण, जो इसे पढ़ना आपके लिए, बेहद आवश्यक बना देते है।


1. इसे पढ़ने का पहला कारण यह है की यह आपको अपने समय का सम्मान करना सिखाती है जिससे आप जीवन में और अधिक सुख का अनुभव करना चाहते है-


यह बताती है की इसका एकमात्र तरीका है कि आप स्वयं को उन कामों को और अधिक करने के लिए प्रेरित करें जो आपको सुख दे सकते है। क्योंकि आपका केवल 20% समय ही डे टू डे ऐक्टिविटी के लिए dedicated होता है जो वह स्थायी रिजल्ट देता है जो आपकी लाइफ की क्वालिटी को इन्फ्लूअन्स कर सकता है। आपका समय आपके लिए तब काम करेगा जब आप अपने न करने योग्य कामों के लिए "नहीं" कहने का साहस जुटा लेते है।


कुछ भी शुरू करते समय छोटे से शुरुआत करो। जब आप यह दिखाएंगे की आप अपने समय को कितना महत्व देते हैं, तब दूसरे भी इसे पहचानना सीखेंगे और इसके परिणामस्वरूप, लोग आपका सम्मान करेंगे।


क्या आप जानते है की आपके दिमाग में एक दिन में औसतन 60,000 विचार आते है? और इसमें ज्यादा हैरानी की बात तो यह है की इनमे से 95% विचार वही होते है जो बीते दिन आपके दिमाग में घूम रहे थे। आप अपने समय के साथ क्या कर रहे है? ज्यादातर लोग अपने समय को उन्ही विचारों में बर्बाद कर देते है जो हमेशा उनके दिमाग में चलते रहते है जो कुछ नया सोचने के लिए फुर्सत ही नहीं लेने देते है। उनमें से ज्यादातर तो negative विचारो को सोचते रहते है और अपने मस्तिष्कनुमा बगीचे को बदबू से भरने की पर्मिशन दे देते है। उन विचारों में fail होने का डर, फाइनैन्शल प्रॉब्लेम का डर हमेशा बना रहता है और स्वयं को कमजोर और उम्र से ज्यादा बूढ़ा बना लेते है, उनके बारे में ग्रामीण क्षेत्रों में एक कहावत आम बोली जाती है कि यह तो बच्चे से सीधा बुढ़ा हो गया, इसने अपनी जवानी को जिया ही नहीं। इतना ही नहीं आपको क्या सोचना है और क्या नहीं सोचना है यह भी हाथ से निकाल जाता है, क्योंकि विचारों पर कंट्रोल न होने की वजह से इसका control भी दूसरों के हाथ में चला जाता है, जो सिर्फ और सिर्फ आपके पास होना चाहिए।


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जूलियन, जॉन को बताता है की गलतियों के बारे में योगी रमन कहते है की जीवन में कभी गलतियां नहीं होती, वे तो हमेशा सीख होती है, और उनसे आपको जो दर्द मिलता है वही आपका सबसे बड़ा गुरु हो सकता है। इंसान जितना समय अपनी गलतियों के बारे में रिग्रेट करने में बर्बाद करता है, शायद ही किसी दूसरे काम में करता होगा। इससे छुटकारा पाने के लिए रॉबिन शर्मा लिखते है की आपको अपने past का कैदी नहीं बनाना चाहिए बल्कि future का architect बनना होता है।

आप जानते है की आप कोई भी चीज करते है या बनाते है तो यह होने से पहले दो बार बनती है, एक बार आपके मन में दूसरी बार असल में, इस प्रोसेस को हम ब्लूप्रिंट कहते है, इसलिए अपने मन में गलत विचारों का ब्लूप्रिंट बनने ही न दें, ताकि आपका समय गलत विचारों में न उलझे और आपके माइन्ड का बगीचा हमेशा सुरक्षित रहे।


इसी पर आधारित एक कहानी है की एक लड़का अपने गुरुजी के पास ज्ञान पाने के लिए जाता है। वह अपने गुरुजी से पूछता है की गुरुजी मुझे आप जितना ज्ञानवान बनने में कितना समय लगेगा?


5 साल लगेंगे, गुरुजी ने कहा,


ओह, यह तो बहुत ज्यादा है! अगर मैं अपने एफर्ट्स को डबल करू, तब कितना समय लगेगा? लड़के ने कहा।


10 साल, गुरुजी कुछ गंभीर होते हुए बोले।


और अगर मैं दिनरात मेहनत करूँ तो कितना समय लगेगा? लड़के ने फिर पूछा?


हम्म 15 साल, गुरुजी ने फिर कहा।


अब वह लड़का झुंझलाया सा गया और कहने लगा की मुझे समझ नहीं आ रहा, की जब भी हर बार मैं ज्यादा मेहनत करने के लिए तैयार होता हूँ, तब भी हर बार आप समय बढ़ा देते है? ऐसा क्यों?


उसकी इस झुंझलाहट को देखकर गुरुजी के चेहरे पर मुस्कान बिखर गई, और बोले, यह इसलिए ऐसा है क्योंकि हर बार तुम्हरा पूरा ध्यान रिजल्ट पर और बस बचा-खुचा ध्यान process पर रहता है?


हर इंसान चाहे वह अमीर हो या गरीब, सबके पास दिन में 24 घंटे ही होते हैं, न तो 1 मिनट ज्यादा, और न ही 1 मिनट कम। लेकिन फिर भी एक बात है जो अमीर को और खुश इंसान व गरीब को और दुखी इंसान बनाती चली जाती है। वह है उनका अपने टाइम को use करने का तरीका।


इंसान वही गरीब होता है जो अपने टाइम की वैल्यू नहीं जानता और उसकी इज्जत नहीं करता। वह दिन भर बहुत सी फालतू चीजों में, अपना समय बर्बाद करता रहता है। वह काम को अगले दिन पर हमेशा टलता रहता है। जबकि एक सफल इंसान इसके विपरीत अपने समय की हमेशा कद्र करता है। वह उसे संभाल कर use करता है। लेकिन इसका मतलब यह भी नहीं है की वह लगातार 24 ओं घंटे काम ही करता रहे और जीवन की दूसरी चीजों को इन्जॉय न करे। इसका सीधा सा मतलब यह है कि वह अपने टाइम को स्मार्टली मैनेज करता है। जिससे वह अपना काम भी समय पर करता है और पूरा इन्जॉइमन्ट भी करता है।


अपने समय का सदुपयोग तभी संभव है जब आप कोई भी काम करते समय एंड रिजल्ट की बजाए उस काम के प्रोसेस पर ध्यान देंगे तो आपका काम उतना ही जल्दी हो पाएगा। कुछ लोग किस्मत के भरोसे भी अपने सौभाग्य का इंतजार करते रहते है। और अपने समय की कद्र नहीं करते है, उसे बस इंतजार में गँवाते रहते है।


2. इस बुक को पढ़ने का दूसरा कारण यह है की यह आपको सच्ची ख़ुशी का रहस्य खोजने का रास्ता दिखाती है, जिस पर चलकर आप अपनी असली खुशी के सोर्स को खोज सकते है।


इस बुक में रॉबिन बताते है की कैसे आप उस कार्य को खोज सकते है जिससे आप सबसे ज्यादा प्यार करते है या उस काम को करना आपको सबसे ज्यादा अच्छा लगता है। जब भी आप उस काम में लगते है तब आपको समय का ख्याल ही नहीं रहता है की आप कितने समय से इसमें लगे हुए है। आप इससे काभी बोर नहीं महसूस करते है। हमेशा आपको लगता रहता है कि मैंने तो इसे बस अभी शुरू किया है। और आपको इस काम के लिए हमेशा अपना जीवन कम पड़ता हुआ महसूस होता रहता है। आप जब इस बुक को पढ़ना शुरू करते है तब आपको महसूस होने लगता है की आप अपने मनपसंद काम को खोजने की एक प्रोसेस पर आगे बढ़ रहे है। कुछ समय अकेले में कुछ देर बैठकर सोचे और जानने की कौशिश करें की आपको क्या करना पसंद है और बस उसे शुरू कर दें। सक्सेस का यही तो सीक्रिट है।


इस दौड़भाग भरी जिंदगी में उलझकर जो दोस्त यह सोचते है की अब उनके पास इतना समय कहाँ है की वो यह सोच सके की असल में उन्हें क्या करना अच्छा लगता है, उनका पैशन क्या है, वो तो बस अपनी जॉब में इतना busy है और इस सांसारिक तानेबाने में इतने उलझ चुके है की ना तो वे खुद के लिए और ना ही अपने इस खूबसूरत परिवार के लिए समय निकाल पाते है। इसका मतलब यह है की वो असल में यह कहना चाहते है की मैं साइकल के साथ दौड़ने में इतना ज्यादा व्यस्त हूँ की उस पर चढ़ने तक का मेरे पास समय नहीं है। हो सकता है कि कुछ दोस्तों को शायद यह भी महसूस हो रहा हो की मैं अब 40 पार कर चुका हूँ। अब अपने वर्तमान काम को छोड़कर कहाँ अब अपना पैशन खोजने का कहाँ समय है? जबकि उन्हें इस बात का idea है कि अगर वे साइकिल पर चढ़कर पैडल मारेंगे तो जल्दी पहुँच सकते है। इसलिए काभी भी शॉर्ट टर्म बेनेफिट के लिए इस तरह के स्टूपिड डिसिशन मत लें। इसके लिए अपने लिए अलग से टाइम निकालकर, रोजाना मेंटली और फिजिकलि अपने आप को इम्प्रूव करते रहे, ताकि आप अपनी मंजिल तक बिना बीच में रुके खुशी-खुशी पहुंच सको।


इस बारे में योगी रमन कहते है की कोई भी काम अचानक से या एकदम से नहीं होता, अपने सपने पुरे करने में समय लगता है, उसके लिए कुछ रिस्क लेना पड़ता है। हो सकता है कुछ लोग कोई क्लेरिकल काम करते होंगे, लेकिन उनका पैशन कोई अनलाइन बिजनस करने का हो सकता है, कुछ का किसी खास सेक्टर में पर्फॉर्म करने का भी सपना हो सकता है? अगर आपका भी एक सपना है और आपमें किसी खास सेक्टर में पर्फॉर्म करने और नई स्किल सीखने का जज्बा है और आपका सपना है तो अपने इस पैशन को इस बुक की मदद से पहचानो और उसपर अभी सी काम करना शुरू कर दीजिए, क्योंकि हजारों किलोमीटर की लम्बी यात्रा की शुरुआत हमेशा एक छोटे से कदम से होती है।


भारत के योगी जानते है की उनकी लाइफ का पर्पस क्या है, इसलिए वो कभी भी इसमें अपना समय बर्बाद नहीं करते है, वे यह अच्छे से जानते है की उनके इस पर्पस को पूरा करना उनकी ड्यूटी है, जिसके लिए वे संस्कृत शब्द DHARMA के नाम का प्रयोग करते है, जिसका अर्थ है आपके जीवन का लक्ष्य।


अनादिकाल से भारतीयों को धर्म के बारे में यह पता है और उन्हें यह पक्का विश्वास है की धर्म का मतलब यह है की हर कोई इस धरती पर एक किसी खास मिशन को पूरा करने के लिए आता है। वह धर्म का सम्मान और उसका पालन करके सैटिस्फैक्शन और इंनर हार्मनी प्राप्त कर सकता है।


Why Read Thinking Fast and Slow Book?


इस बुक में लाइट्हाउस को आपके पर्पस के एक सिम्बल के तौर पर प्रयोग किया गया है। आप जानते है की पुराने जमाने में पानी के जहाजों को समुन्द्र में डिरेक्शिन दिखाने के लिए लाइट हाउस होते थे। ठीक उसी प्रकार से हर किसी के जीवन में भी ऐसा समय आता है जब उसे यह पता नहीं होता की अब क्या किया जाए, उसे उस समय सही डिरेक्शिन और गाइडन्स की बेहद आवश्यकता होती है। ऐसे समय में जब आपके द्वारा प्लान कई गई चीजें पूरी नहीं हो रही होती है या इसे कह सकते है कि कुछ भी सही नहीं हो रहा होता है, तब आपका लक्ष्य, आपका पर्पस, आपको सही डिरेक्शिन देगा। इस बुक में जूलियन, जॉन को बताता है की जब वह भारत में था तब उसे उन साधुओं ने सिखाया था की जब तक किसी के पास एक क्लेयर गोल नहीं होगा तो वह उसे कैसे पा सकता है, इसलिए सबसे पहले तो आपके पास अचीव करने के लिए गोल्स होने चाहिए। जब आपको आपके गोल्स स्पष्ट हो उसके बाद उन्हें अचीव करने के लिए इन साधुओं ने 5 स्टेप्स बताएं थे, वे इस प्रकार से है:


  1. अपने सपनों को Visualize करना शुरू करें। इसका मतलब है की आप अपने जीवन में जो कुछ भी पाना चाहते है उसे इमैजिन कीजिए, उसकी स्पष्ट पिक्चर देखिए, उसे इस तरह महसूस कीजिए की जैसे वह आपको मिल चुकी है। जैसे अगर आपका लक्ष्य, एक बिजनस बनाना है तो हर सुबह उठकर, अपने आपको एक बिजनस मैन की तरह अपने बिजनस में visualise कीजिए, इसे महसूस कीजिए जैसे यह आपको मिल चुका है। अपने गोल्स की मेंटल पिक्चर, आपके माइन्ड में जितनी ज्यादा स्पष्ट होगी, यह प्रोसेस उतनी ही ज्यादा ईफेक्टिव होगी।

  2. अपने आप पर पाज़िटिव प्रेशर बिल्ड करें। जब आपने अपना एक गोल सेट कर लिया होता है, तब उसे अपने फ़्रेंड्स, फॅमिली और अपने सर्कल में सबके सामने अनाउन्स कर दीजिए। इससे यह होगा की जब आपके आस पास रहने वाले लोगों को आपके गोल्स पता होंगें, तो यह आप पर एक पाज़िटिव प्रेशर क्रीऐट करेंगे। जिससे आप अपने बनाए हुए गोल्स को सेरिऔसली लेंगे, और उसे पूरा करने के तरफ आगे बढ़ते रहेंगे।

  3. अपने गोल्स के लिए एक Timeline बनाएं। अपने द्वारा निर्धारित किए गए गोल्स को पूरा करने के स्टेप्स यानि माइल्स्टोन निर्धारित कीजिए। उसके लिए एक इग्ज़ैक्ट डेट और टाइम फिक्स करिए और उन्हें लिख लीजिए। अपनी एक गोलबुक बनाइये और आपको जो कुछ भी चाहिए उसे अपनी इस goal book में निर्धारित डेट और टाइम के साथ लिख दीजिए।

  4. अपने हर स्टेप्स को पूरा करने के लिए Magic Rule of 21 को अपनाएं। आपने यह दोहा अवश्य सुना और पढ़ा होगा की करत करत अभ्यास के जडमति होत सुजान, रसरी आवत जात ते, सिल पर होत निशान। इस दोहे का अर्थ है, कि लगातार अभ्यास से अनजान इंसान भी सुजान और बुद्धिमान बन सकता है। अभ्यास का हमारे जीवन में बहुत बड़ा महत्व है। जब बच्चा माँ की कोख से जन्म लेता है, वह अबोध और अनजान होता है, धीरे धीरे जब वह जब सांसारिक चीजों का अभ्यास करता है तब वह बुद्धिमान और सबल बन जाता है। इतिहास ऐसे अनेकों उदहारणो से भरा पड़ा है जिन्होंने निरंतर अभ्यास के बल पर, अपने जीवन में बड़ी से बड़ी और असाधारण सफलता प्राप्त की है। इसलिए किसी भी ऐक्टिविटी को कोई भी इंसान 21 दिनों तक रोजाना same time पर अभ्यास करता है, तब यह उसकी हैबिट बन जाती है। और इन्हीं छोटी छोटी हैबिट्स से एक दिन बड़ा बदलाव आता है। क्योंकि छोटी छोटी हैबिट्स से मिलकर ही एक सफल और एक निसफल जीवन बनता है।

  5. आपने अपने गोल्स को पाने के लिए जिस प्रोसेस को अपनाया है उसे इन्जॉय कीजिए। शुरु शुरू में शायद यह आपको मुश्किल लगे, लेकिन जैसे जैसे आप इसका अभ्यास लगातार कम से कम 21 दिनों तक करते है तो आप इसे इन्जॉय करने लगेंगे।


संतोष नायर कहते है की संसार में अपनी पसंद के काम को खोजने के केवल दो ही रास्ते उपलब्ध है, एक तो यह की आप वह काम कीजिए जिसे आप पसंद करते है, और दूसरा यह की आप किसी काम को इतना कीजिए की वह आपकी पसंद बन जाए, बस सो सिम्पल।


3. इस पुस्तक को पढ़ने का तीसरा कारण यह है की यह आपको वह प्रोसेस सिखाती है जिसे सीखकर आप अपने गोल्स को अचीव कर सकते है, फिर चाहे गोल कितना भी बड़ा या कठिन क्यों न हो।


रॉबिन शर्मा लिखते है की जापानी सूमो पहलवान जिस तकनीक का प्रयोग करते है उसे ही प्रोसेस कहते है, प्रोसेस को सीखने का इससे बढ़िया तरीका नहीं हो सकता। जापानी सूमो हमें सिखाते है की लगातार और कभी ना खत्म होने वाली इम्प्रूव्मन्ट को कैसे हासिल किया जाए। इस तकनीक या गुण को काइज़ेन (Kaizen) तकनीक कहते है। यह एक जापानी शब्द है जिसका मतलब है निरंतर। इसे सीखने के लिए भारत के साधुओं ने 10 स्टेप क्रीऐट किए है जिन्हें वे 10 rituals of radiant leaving कहते है।


  1. जिनमें पहला है एकांत रिचूअल – इसमें यह होता है की आप अपने पुरे दिन में से कुछ समय अपने लिए निकलना है। जिसमे आप शान्ति से किसी एक जगह पर बैठकर यह सोच सके की अपने बीते हुए पुरे दिन में आपने क्या किया। आपने जो लक्ष्य आज के लिए तय किए थे उन्हें आपने आज कितना पूरा किया।

  2. दूसरा है physicality रिचूअल – इस रिचूअल में आप अपने शरीर की शारीरिक देखभाल करते है। आप इसके लिए एक्सर्साइज़, योग और कोई खेल खेलते है, जिससे आप अपने शारीरिक का ध्यान तो रखते ही है, इसके साथ साथ आप अपने मन का को भी स्वस्थ बनाते है।

  3. तीसरा live nourishment रिचूअल – इसमें आपको live food यानि सात्विक भोजन ही करना चाहिए, जिसमे फल और सब्जिया शामिल है, अगर आप non-vegetarian है तो आप अपने हर खाने के साथ में ज्यादा से ज्यादा सलाद खाना चाहिए, क्योंकि monks कहते है की meat को पचाने में शरीर को काफी मेहनत करनी पड़ती है, जिससे शरीर की काफी एनर्जी लोस्ट हो जाती है।

  4. चौथा अनलिमिटेड नालिज रिचूअल – इसका मतलब है की आपको हमेशा सीखते रहना चाहिए। इसके सबसे उत्तम दो ही तरीके है या तो खुद पढ़ो या फिर दुसरो को पढ़ाओ। जिससे आप हमेशा कुछ ना कुछ सीखते रहेंगे, इसे जीवन पर्यंत जारी रखना चाहिए। आपने जिस दिन पढ़ना या कहें सीखना छोड़ दिया समझ लीजिए आप उसी दिन बूढ़े हो चले है।

  5. पांचवा है personal reflection रिचूअल – यानि समय समय पर अपने आप को हमेशा चेक करते रहे की आप आज, बीते हुए कल से कुछ आगे बढ़ रहे है या आप वैसे ही स्थिर बने हुए है जैसे कल थे? अगर आप आने वाले कल में इम्प्रूव होना चाहते है तो आपको यह पता होना चाहिए की आज आपने क्या गलत किया और क्या सही किया, इसलिए हमेशा अपना ऑडिट करते रहना चाहिए।

  6. छठा रिचूअल है सुबह जल्दी उठने की आदत डिवेलप करनी – आप 5 AM क्लब में शामिल हो जाएँ, हमेशा सूरज उगने से पहले उठें, आपको जो भी मिला है उसके लिए परमपिता परमात्मा का धन्यवाद करें।

  7. सातवां म्यूजिक रिचूअल – रोजाना कुछ समय जितना सो सके उतना वह म्यूजिक सुने जिससे आप ताजा और शांत महसूस करें न की आप और ज्यादा स्ट्रेस में आ जाएँ।

  8. आठवा है बोलने का रिचूअल – अपना खुद का एक मंत्र बनाएं या इसे कह सकते है की एक ऐफर्मैशन लिख लें जो आपके अंदर पाज़िटिव एनर्जी भर दे, उसे दिन में कम से कम 5 बार, बार बार दोहराते रहे, उदारण के लिए जैसे बोले, की में एक बिजनसमैन हूँ (या आप जो होना चाहते है वह दोहराएं), में सीख रहा हूँ, में लीडर हूँ।

  9. नौवा रिचूअल है अनुकूल कैरिक्टर – इस रिचूअल का मतलब है की आपको यह पक्का करना है की आप अपने प्रिन्सपल यानि सिद्धांतों पर हमेशा खरे उतरेंगे, उनसे कभी डीरेल नहीं होंगे, उन्हें कभी किसी भी परिस्थिति में बाइपैस नहीं करेंगे।

  10. और दशवाँ रिचूअल है सिम्प्लिसिटी यानि सादा जीवन उच्च विचार – हमेशा जीवन में जितना हो सके सिम्पल रहना सीखें। इसकी प्रैक्टिस के लिए अपने आप को आप कुछ इस तरह के टास्क दे सकते है जैसे आज मैं पूरा दिन मोबाईल से दूर रहूँगा। इसी तरह उन वस्तुओ का कुछ समय के लिए त्याग करना जो आपको आलसी और अपना कैदी बनाती है।

अपनी सिम्प्लिसिटी को कभी न भूलें, हमेशा अपने अंदर दया का भाव जागृत रखें, जैसे आप अपने ऑफिस में बॉस से बात करते है ठीक वैसे ही रेस्टोरेंट के वेटर से, अपने से कमत्तर किसी भी इंसान से भी बात करें, हर समय सहज यानि नॉर्मल रहें।


4. रॉबिन शर्मा द्वारा लिखी बुक 'द मॉन्क हू सोल्ड हिज़ फेरारी' को आपके लिए पढ़ना आवश्यक बनाता है वह चौथा कारण है की यां आपको वर्तमान में जीना सिखाती है।


मेरा आपसे एक सवाल है की, आपके लिए सबसे ज्यादा इम्पॉर्टन्ट समय कोनसा है? जो समय बीत चुका है वह, या वह जो अभी आने वाला है या फिर वह जो अभी, इसी क्षण यानि प्रेजेंट में आपके पास है वह? कृपया इसका उत्तर आप मुझे कॉमेंट में लिखकर बताएं।


इस बुक की स्टोरी की आखरी और सातवीं चीज वह एक रास्ता होता है, जो पूरा डायमंड से भरा होता है। इस रास्ते में वह सूमो पहलवान जाने लगता है। इस कहानी में जो डायमंड या डायमंड से भरा रास्ता होता है वह आपकी लाइफ के प्रेजेंट मोमेंट को रेप्रिज़ेन्ट करता हैं, यानि आपके अभी के, इस पल को जिसे आप अभी जी रहे हैं।


आपको याद होगा की नित्या मेहरा द्वारा निर्देशित 04 मार्च 2015 को एक मूवी रिलीज हुई थी, जिसके हीरो सिद्धार्थ मल्होत्रा व हेरोइन थी कैटरीना कैफ, उस फिल्म का नाम था “बार बार देखो”। मैं यहाँ उस पूरी मूवी का जिक्र यहाँ नहीं करूंगा बस एक मैसेज जो मुझे उस मूवी में सबसे ज्यादा अच्छा लगा, जो उस मूवी से मुझे सिखने लायक एक विचार लगा था।


उस मूवी में हीरो जय वर्मा यानि सिद्धार्थ मल्होत्रा, अपने फ्यूचर को लेकर, इतना ज्यादा busy रहता है, की वह कभी भी अपने प्रेजेंट को महसूस ही नहीं कर पा रहा था। इससे जिस प्रकार पानी को मुट्ठी में पकड़ने पर पानी हाथ से निकाल जाता है, ठीक उसी तरह उसकी पूरी लाइफ और उसकी लाइफ के सभी इम्पॉर्टन्ट लोग, उसके हाथ से निकल जाते हैं। वह अब अपने जीवन में अकेला और एकदम दुखी इंसान बनकर रह जाता है।


उस मूवी में हीरो को फिर से सब कुछ सही करने का एक चांस मिलता है, और वह उस चांस को न गँवाकर सबकुछ फिर से ठीक कर देता है। लेकिन आपको क्या लगता है की, क्या रियल लाइफ में यह सब पॉसिबल है? नहीं, रियल लाइफ में ज्यादातर लोग, अपने बीते हुए समय और आने वाले समय के बारे में सोचने में इतने busy रहते हैं लेकिन वे अपने आज को, जीना भूल जाते हैं, और फिल्म की तरह उन्हें फिर से इसे करेक्ट करने का मौका नहीं मिलता।


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जैसे जब आप छोटे बच्चे थे तो आप उस समय सोचते हैं, की बड़े होकर मजे करूंगा। जब बड़े हो जाते हैं, तो सोचते हैं, बचपन ही अच्छा था। फिर जब बूढ़े हो जाते हैं, तब सोचते हैं की इससे तो जवानी ही अच्छी थी। और इसी तरह लोग जीवन भर कभी अपने प्रेजेंट मोमेंट को इन्जॉय नहीं कर पाते है। कुछ लोग सोचते हैं कि अगर मेरे पास बहुत सारे पैसे आएंगे तब मैं खुश रहूंगा। इसी तरह एक बढ़िया कार आएगी, तब खुश रहूंगा। लेकिन असल में ऐसा बिल्कुल नहीं है, आपके पास पैसे, गाड़ी बांग्ला और सारी सुविधाएं होना अच्छी चीज है। आप जीवन में खूब कमाएं, बस यह जरूर याद रखें कि अकेला पैसा ही हमेशा, आपको खुश नहीं रखेगा।


असल में हैपीनिस कोई डेस्टिनेशन नहीं है, यह तो हमेशा चलने वाली एक यात्रा है। इसीलिए अपने आज को खुलकर जियें, आपके पास अभी जो समय है, याद रखिये जीवन में इससे ज्यादा कुछ भी जरुरी नहीं है।