Think and Grow Rich in Hindi Audiobook



नेपोलियन हिल अपने उन सिद्धांतों के लिए जाने जाते है जिनसे किसी के भी जीवन को बेहतर बनाया जा सके। जब उन्हें एंड्रयू कार्नेगी के साक्षात्कार का असाइनमेंट मिला, जो उस समय के सबसे अमीर और प्रभावशाली लोगों में से एक थे। कार्नेगी ने हिल को चुनौती दी कि वे सफलता के एक ऐसे सरल फॉर्मूले कि खोज करें जिसे सामान्य इंसान आजमाकर अपनी मनचाही दौलत हासिल कर सके। इसके लिए वे अन्य धनी और सफल लोगों का साक्षात्कार लें। जिसका नतीजा है, थिंक एंड ग्रो रिच।

यह पुस्तक न केवल सभी समय की पर्सनल डेवलपमेंट की पुस्तकों में सबसे अधिक बिकने वाली बनी है, बल्कि इसके माध्यम से  टोनी रॉबिंस, जॉन मैक्सवेल, ब्रायन ट्रेसी, बॉब प्रॉक्टर और कई अन्य लोगों सहित अन्य सफल लोगों के लिए प्रेरणा बन गयी है, और उनके द्वारा इसकी अत्यधिक सिफारिश भी की गई है।


इस पुस्तक में नेपोलियन हिल द्वारा बताये गए 13 सिद्धांत हैं। जिनके पास पुस्तक को पढ़कर यह जानने का समय नहीं है कि हिल के द्वारा बताये गए इन अद्भुत सिद्धांतों से लाभ उठाना चाहते हैं। आज हम इस पुस्तक में दिए गए इन सभी 13 सिद्धांतों के सारांश के बारे में बात करेंगे।

अध्याय 1: विचार की शक्ति

पहले अध्याय में, हिल हमारे विचारों की शक्ति को दर्शाते है कि इसमें कैसे हमारे जीवन को आकार देने की शक्ति है। इसका सबसे बढ़िया उदहारण देते हुए हिल लिखते हैं कि एडविन बार्न्स, एक ऐसा व्यक्ति जिसे प्रसिद्ध आविष्कारक, जिसे थॉमस एडिसन के साथ काम करने की बहुत इच्छा थी। हालाँकि बार्न्स, व्यक्तिगत रूप से एडिसन को नहीं जानते थे और उन्हें इस बात का कोई अंदाजा नहीं था कि वह उसके साथ किस तरह से पार्टनरशिप करेंगे, लेकिन बार्न्स ने इस पर अपने दृष्टिकोण को सकारात्मक रखा। बेशक बार्न्स अपनी इस यात्रा में कई बाधाओं से गुज़रे, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। आखिरकार, उन्होंने एडिसन से मिलने का मौका मिल गया और वे एडिसन की डिक्टेटिंग मशीन के प्रमुख वितरक बन गए। एडविन बार्न्स अपने परिश्रम से एक अमीर आदमी बने थे और उनके श्रम ने उन्हें हाथों-हाथ इसका ढेर सारा भुगतान किया।

एडविन बार्न्स के अलावा हिल इस अध्याय में डार्बी के बारे में भी लिखते है जिसने अपने सोने कि खुदाई को बीच में ही छोड़ दिया था क्योंकि उसे और सोना नहीं दिखाई दिया था। डार्बी की कहानी एक प्रसिद्ध प्रेरणादायक कहानी बन गई है जिसे अक्सर सेल्फ-एम्प्लोयेड उद्योग में साझा किया जाता है। डर्बी ने अपनी नौकरी छोड़ दी और सोने को खोज कर निकालने वाली मशीनरी खरीद ली। अपने कई असफल प्रयासों के बाद, उन्होंने अपनी सारी मशीनरी एक कबाड़ी के हाथों बेच दी। जिस कबाड़ी ने डर्बी से ये सोने कि खुदाई के उपकरण खरीदे थे, उसने उस खदान के लिए एक माइनिंग एक्सपर्ट को बुलवाकर उसकी जांच करवाई व उसकी सलाह ली, कबाड़ी ने यह काम “काम बंद करने से पहले एक्सपर्ट कि राय ले लेनी चाहिए” नियम को ध्यान में रखकर यह राय ली। कबाड़ी ने उसी जगह खुदाई जारी रखी, जहां डार्बी ने इसे छोड़ा था। उसने जमीन को एक्सपर्ट के बताये अनुसार जमीन को और खोदा, और लगभग 3 फीट गहरा खोदने के बाद ही उसे सोना मिल गया, ढेर सारा सोना।

बहुत सारे लोग उस क्षण काम छोड़ देते हैं जब उन्हें लगातार हार और अस्थायी विफलता का सामना करना पड़ता है। डार्बी की कहानी के माध्यम से, हिल बताते हैं कि अपने निर्धारित लक्ष्य को छोड़ने से पहले हमेशा किसी एक्सपर्ट कि सलाह ले लेनी चाहिए, व और ज्यादा मेहनत करनी चाहिए, चाहे हम कितनी बार भी या प्रतिकूल परिस्थितियों का अनुभव क्यों न करे।

अध्याय 2: इच्छा

नेपोलियन के अनुसार, इच्छा सभी उपलब्धियों का प्रारंभिक बिंदु है। कोई भी, कुछ भी हासिल कर सकता है जिसे वे चाहते हैं यदि उनके पास एक मजबूत और ज्वलंत इच्छा हो। यह इच्छा एक आशा जैसी नहीं हो, बल्कि यह निश्चित और अतृप्त होनी चाहिए। क्योकिं आशा और इच्छा में बहुत फर्क होता है, आप किसी भी वास्तु, इंसान या स्थिति को देखकर उसे पाने कि या उसके जैसा बनने कि आशा कर सकते है, लेकिन इच्छा करने में एक लक्ष्य, योजना और तर्क होता है. 

हिल बताते हैं, कि "मन को अपने नियंत्रित में रखने के लिए सभी तरीकों में से सबसे व्यावहारिक यह तरीका है कि हमें एक निश्चित उद्देश्य के साथ व्यस्त रखने की आदत डाल लेनी चाहिए।" तो अब एक निश्चित उद्देश्य क्या है? एक निश्चित उद्देश्य एक लक्ष्य या कुछ भी हो सकता है जिसमें इन दो मूल सिद्धांतों का समावेश होना चाहिए:

1. सबसे पहले तो यह एक प्रमुख निश्चित उद्देश्य होना चाहिए और कई नहीं। 
2. और दूसरा, यह निश्चित होना चाहिए।

पुस्तक में, हिल ने छह-चरण की विधि बताई है जिसके अनुसार कोई भी व्यक्ति जीवन में अपनी इच्छा को कैसे प्राप्त कर सकता है, जैसे कि धन इकट्ठा करना, आइये इसे जानते है:

1. सबसे पहले, अपने दिमाग में वह धनराशि तय करें, जिसे आप पाना चाहते हैं। 
2. दूसरा, यह निर्धारित करें कि मैं इस धनराशि को प्राप्त करने के लिए, क्या काम करने को तैयार हूँ। 
3. अगला, आपको यह कब चाहिए, वह सटीक व निश्चित तारीख तय करें और इसे लिख लें। 
4. चौथा, इसके लिए एक स्पस्ट योजना बनाएं और इसे लागू करने के लिए तुरंत पहला कदम उठाएं। 
5. और फिर स्पष्ट, सटीक, निश्चित और संक्षिप्त वाक्य में अपनी इच्छा को वर्णन के साथ लिख लें। 
6. अंत में अपने इन लक्ष्यों को रोजाना दो बार पढ़ें।

ये छह कदम आपके मन कि इच्छा को भौतिक समतुल्य में परिवर्तन का एक हिस्सा हैं। यह इस पुस्तक के मुख्य सिद्धांत की शुरुआत है, जो आपके अवचेतन मन की शक्ति को बढाने के लिए है जिसके माध्यम से आप अपनी इच्छा को भौतिक रूपांतरण के लिए आवश्यक है।

अध्याय 3: आस्था

तीसरे अध्याय में, हिल लिखते है कि हममें विश्वास करने योग्य विश्वास होना चाहिए। वे मानते है कि जब हमारे आस-पास की हर चीज ठीक से काम नहीं कर रही होती है और कुछ भी हमारे पक्ष में नहीं हो रहा होता है, तब विश्वासयोग्य होना बहुत कठिन और चुनौतीपूर्ण होता है, लेकिन हिल कहते हैं कि विशेष रूप से इसी कठिन समय के दौरान विश्वास रखना बहुत आवश्यक होता है।

हिल पाठकों को, प्रतिदिन अपने विचारों पर 30 मिनट खर्च करके विश्वास का निर्माण करने का सुझाव देते हैं ताकि सफलता कि और हर दिन एक-एक इंच बढ़ने में सहायक सिद्ध होती है, क्योंकि हमारे दिमाग में सकारात्मक विचार बेहद शक्तिशाली होते हैं और कठिन समय के दौरान भी ये हमें सही दिशा में जाने के लिए प्रभावित करते हैं।

हम सही और गलत दोनों तरह के विचारों के लिए अभ्यस्त हो सकते है। जब कोई अपने आप को नकारात्मक तरीके से देखता है और अपने अवचेतन मन में नकारात्मक विश्वासों का संचार करता है, तो वह एक नकारात्मक जीवन जीएगा। दूसरी ओर, कोई व्यक्ति जो सकारात्मक है, जो हमेशा खुद को सफल देखता है और अपनी इच्छा पूरी होने की कल्पना करता है, वह अंततः एक सफल और धनवान जीवन जियेगा।

नेपोलियन हिल के प्रसिद्ध उद्धहरणों में से एक यह है, "मन जो भी ग्रहण और जिस पर विश्वास कर सकता है, वह प्राप्त कर सकता है।" हिल का मानना है कि यदि आप जीवन में जो कुछ भी प्राप्त करना चाहते हैं, तो आपको पहले इसे अपने दिमाग में देखना होगा और फिर इसमें 100%भरोसा करना होगा। आपको इसमें विश्वास करने और इसे महसूस करने की आवश्यकता है कि आप इसे कर सकते हैं या पा सकते है। अगर आप मानते हैं कि आप कर सकते हैं, या आप नहीं कर सकते, आप सही हैं।

अध्याय 4: ऑटोसजेशन

यदि आपने पिछले अध्याय में हिल द्वारा बताये गए छह-चरण पद्धति की रूपरेखा का अनुसरण किया है, तो आपके पास एक लिखित दस्तावेज होगा और आप अपनी इच्छा को साकार करने की योजना पर काम कर रहे होंगे। हिल के अनुसार जो सफलता चाहते है उन्हें अब अपने अवचेतन मन को प्रशिक्षित करना आवश्यक है।

ऑटोसजेशन अपने आप को यह सिखाने की तकनीक है, कि आप जो चाहें हासिल कर सकते हैं। हिल लिखते हैं कि ऐसा करने के लिए बस एक एकांत और शांत क्षेत्र में बैठें और अपनी इच्छा के लिखित दस्तावेज को पढ़ते हुए कल्पना और विश्वास करें कि आपने अपनी इच्छा को वास्तव में पा लिया है।

आप क्या करना चाहते हैं इस इच्छा को अपने अवचेतन मन में सोचना व स्थापित करना है। और हिल लिखते हैं कि जब आप अपने विचारों को प्रसारित करके अपने अवचेतन तक पहुंचते हैं, तो आप सफलता कि तरफ अपने कदम बढ़ा देते है। ऑटो-सुझाव आप में एक अटूट विश्वास पैदा करता है जो आपको उस सही दिशा में ले जाएगा जहाँ आप यात्रा करना चाहते हैं।

इसे इस तरह समझ सकते है जैसे कार चलाना, आपको इसे करने पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता नहीं होती है क्योंकि आपने अपने मस्तिष्क और शरीर को इसके लिए स्वचालित रूप से कार्य करने के लिए प्रशिक्षित कर लिया है। जैसे कि यह आपकी दूसरी प्रकृति हो। और जब आपने स्वयं को अपनी उस इच्छा के बारे में आश्वस्त कर लिया है जिसे आप ऑटो-सुझाव के माध्यम से प्राप्त करना चाहते हैं। अब आप सफलता की इच्छा पर काम करेंगे और आसानी से मनचाहे परिणाम हासिल कर सकते हैं।

अध्याय 5: विशिष्ट ज्ञान

इस अध्याय में हिल कहते हैं कि ज्ञान ही शक्ति है और यदि आप उत्कृष्ट सफलता प्राप्त करना चाहते हैं, तो आपको अपने विशेष ज्ञान का उपयोग करना चाहिए। हिल शिक्षा और ज्ञान के बीच अंतर करने के लिए उदाहरण देते है कि प्रोफेसर और शिक्षकों के पास बहुत ज्ञान होता हैं, लेकिन उनमें से बहुत अपनी वित्तीय स्थिति को सम्भालने के लिए संघर्ष कर रहे हैं क्योंकि वे अपनी योजनाओं में ज्ञान का व्यावहारिक प्रयोग करने में विफल रहते हैं। यह ज्ञान का ही अनुप्रयोग है जो महत्वपूर्ण होता है। ज्ञान ही संभावित शक्ति का एक रूप है।

और इस प्रकार हिल पाठकों को सार्वजनिक पुस्तकालयों, प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों, विश्वविद्यालयों, कॉलेजों आदि से व्यावहारिक अनुभवों के माध्यम से हमेशा ज्ञान प्राप्त करने का सुझाव देते है, और अधिक विशिष्ट ज्ञान प्राप्त करने के लिए संबंधित उद्योग कि किताबें पढने कि सलाह देते है जो आपको बढ़त देगा। यह जरूरी नहीं कि आपके स्वयं के दिमाग में सारा विशिष्ट ज्ञान होना चाहिए, आप उन लोगों पर भरोसा कर सकते हैं और उनका उपयोग कर सकते हैं जिनके पास यह सारा ज्ञान होता है।

हिल यह भी कहते हैं कि शिक्षा प्रणाली सबसे अच्छी प्रणाली नहीं हो सकती है क्योंकि यह छात्रों को यह नहीं सिखाती कि वे उन सूचनाओं या ज्ञान का कैसे व्यवस्थित तरीके से उपयोग या लागू कर सकते हैं। यदि ज्ञान ही शक्ति है, तो स्कूल में प्रत्येक शिक्षक सबसे सफल लोग होंगे और बहुत धनी बन रहे होंगें। हालांकि अक्सर ऐसा नहीं होता है। यह उन विचारों और ज्ञान का कार्यान्वयन है जो आपने अर्जित किए हैं जो अंतर पैदा करता हैं।

अध्याय 6: कल्पना

कई साल पहले एक दवा की दुकान के क्लर्क ने अपनी सारी बचत का जो लगभग 500 डॉलर थी, जिससे एक पुरानी केतली, एक लकड़ी का चम्मच और एक डॉक्टर से गुप्त सूत्र खरीदने के लिए इस्तेमाल किया। यह उस डॉक्टर के लिए एक अच्छा सौदा था, जो रिटायर होना चाहता था, लेकिन डॉक्टर को कम ही पता था कि यह क्लर्क, आशा कैंडलर के लिए जीवन बदलने वाला सौदा बन जायेगा।

आसा कैंडलर जानता था कि वह वास्तव में केतली और लकड़ी का चम्मच ही नहीं खरीद रहा है, बल्कि उसके साथ उका वह एक विचार भी है। कैंडलर ने तब अपनी कल्पना से गुप्त सूत्र के साथ उस घटक को मिलाया और कोका-कोला बनाया। कैंडलर ने आक्रामक रूप से नए पेय-पदार्थ कि मार्केटिंग की और इसके साथ वह सुपर सफल हो गया। और कोका-कोला ने दुनिया भर के लोगों के लिए हजारों नौकरियों और व्यापार के अवसरों का निर्माण किया है, यह सब एक विचार के साथ ही शुरू हुआ था।

हिल के अनुसार सफलता कि कल्पना ही सबसे महत्वपूर्ण कदम है जिसका सभी को उपयोग करना चाहिए। और वे बताते हैं कि कल्पना दो प्रकार की होती है: 

1. एक सिंथेटिक कल्पना है, जो मौजूदा विचारों को नई अवधारणाओं में बदल देती है। 
2. दूसरी रचनात्मक कल्पना है, जो कुछ भी नहीं से सब कुछ बना देने कि क्षमता लिए हुए होती है।

ज्यादातर लोगों ने यह सोचा है कि सबसे कठिन काम सबसे अमीर बनना होता है, लेकिन हिल के अनुसार यह केवल आंशिक रूप से ही सच है। हिल लिखते हैं कि धन "निश्चित मांगों के जवाब में, निश्चित सिद्धांतों के अनुप्रयोग पर आधारित होता है ... जब विचारों का निर्माता और विचारों का विक्रेता एक साथ मिल कर सद्भाव से काम करता है।" कल्पना से आए विचार वे ताकतें हैं जो चीजों को उनके वास्तविक स्वरूप में आने का कारण बनती हैं। इसलिए आपको अमीर बनने के लिए, अपने विशेष ज्ञान की कल्पना का प्रयोग करना होगा।

अध्याय 7: संगठित योजना

पिछले अध्याय में, हिल पहले से ही धन प्राप्त करने के लिए संगठित जानकारी के महत्व के बारे में जानकारी दी है। और इस अध्याय में, हिल ने चर्चा की है कि संगठित योजना के माध्यम से असाधारण सफलता कैसे प्राप्त की जा सकती है। वे इस अध्याय में पाठकों के साथ कुछ ऐसे कदम साझा करते है जो उनकी इच्छा को पूरा करने के लिए, एक व्यावहारिक योजना बनाने के लिए उठाए जा सकते हैं।

सबसे पहले हिल कहते हैं कि आपको एक दिशा तय करने और अपनी योजना को कार्य में लगाने के लिए खुद को अन्य लोगों के साथ जोड़ना चाहिए। वह लोगों के इस समूह को 'मास्टरमाइंड' समूह कहते है, वे इस विषय के लिए एक पूरा अध्याय ही समर्पित करते है। और इससे पहले कि आप लोगों के इस समूह के साथ गठबंधन करें, आपको यह निर्धारित करने की आवश्यकता है कि आप उनकी मदद और सहयोग के बदले में उन्हें क्या दे सकते हैं। इसके अलावा, आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि आप अपने मास्टरमाइंड समूह के साथ हर हफ्ते कम से कम दो बार अपनी योजना को पूरा करने और अपनी कार्रवाई कि रणनीति बनाते है। और बेहतर परिणाम प्राप्त करने के लिए अपने समूह के साथ सद्भाव बनाए रखना सुनिश्चित करें।

हिल यह भी कहते हैं कि इसे लागू करें की प्रक्रिया निरंतर और निरंतर चलती रहनी चाहिए। यहां तक कि जब आप कठिनाइयों और असफलताओं का सामना करते हैं, तो कभी हार न मानें और अपने विचार पर काम करना जारी रखें और अपनी योजनाओं को उनकी आवश्यकताओं के अनुसार मोड़ें।

हिल इस अध्याय के लिए बहुत कुछ समर्पित करते है। वे एक लीडर के 11 गुणों और नेतृत्व विफलता के अपने 10 प्रमुख कारणों को भी सूचीबद्ध करते है। वे जीवन में विफलता के 30 कारणों को भी लिखते है और वे उन 28 प्रश्नों को भी लिखते है जिनके द्वारा आपको अपनी प्रगति का अनुमान लगाने के लिए खुद से पूछना चाहिए।

अध्याय 8: निर्णय

नेपोलियन हिल के अनुसार सबसे आम कारणों में से एक जिसमें लोग विफल होते हैं वह शिथिलता के कारण है। वे कहते हैं कि शिथिलता से बचना और तत्काल कार्रवाई करना महत्वपूर्ण होता है। अधिकांश लोग प्रतीक्षा करेंगे और चीजों को तुरंत करने से इनकार कर देंगे, जिसके कारण उनकी प्रेरणा खत्म हो जाती है और अंततः वे अपने उद्यम में असफल हो जाते हैं।

हिल, हेनरी फोर्ड का उदाहरण देते है, जो तुरंत निर्णय लेने के लिए जाने जाते थे और एक बार जब फोर्ड निर्णय ले लेते थे तो वे उन्हें बहुत धीरे और बहुत ही समझ बूझ कर बदलते थे। फोर्ड 'एक आदर्श व्यक्ति' के रूप में प्रसिद्ध थे जिन्होंने 'मॉडल टी' बनाया, उनके इस मॉडल के लिए बहुत से ग्राहकों और सलाहकारों ने कहा था कि यह कार बदसूरत थी, लेकिन फोर्ड अपने निर्णय से पीछे नहीं हटे। और निश्चित रूप से, फोर्ड की दृढ़ता ने उन्हें बहुत सुंदर रूप से भुगतान किया और फोर्ड को दुनिया के सबसे बड़े सामूहिक कार उत्पादकों में से एक बना दिया।

दृढ़ निश्चय के साथ जल्दी निर्णय लेने की क्षमता एक निश्चित उद्देश्य और समझ के साथ होती है कि आप क्या चाहते हैं। और यह क्षमता लीडर्स को परिभाषित करती है। जैसा कि हिल लिखते हैं "दुनिया में उस आदमी को जगह देने की आदत होती है जिसके शब्दों और कार्यों से पता चलता है कि वह जानता है कि वह कहाँ जा रहा है।"

इसके अलावा हिल का यह भी कहना है कि यदि आप आसानी से दूसरों से प्रभावित होते हैं और निर्णय लेने में लंबा समय लगते हैं या देरी करते है क्योंकि आपको इसके लिए दूसरों से सलाह सुनने की आवश्यकता होती है, तो आप शायद ही कभी सफल होंगे। ऐसा इसलिए है क्योंकि इसका मतलब है कि आप जो चाहते हैं उसके लिए आपके पास एक मजबूत ज्वलंत इच्छा नहीं है। आपको अपने निर्णय लेने और उनके साथ खड़े होने के लिए अपने मस्तिष्क, विचारों, शरीर और आत्मा का उपयोग करना चाहिए।

अध्याय 9: दृढ़ता

दृढ़ता एक अत्यंत महत्वपूर्ण कारक है जो आपकी सफलता और जीवन में आपके पास होने वाले धन का निर्धारण करेगा। हिल का कहना है कि यह एक महत्वपूर्ण आदत या अभ्यास है जिसे आपको विश्वास बनाने और अपने प्रयासों में सफल होने के लिए विकसित करने की आवश्यकता है। कठिन क्षणों को संभालने में अपनी इच्छाशक्ति और दृढ़ संकल्प दिखाने के लिए हिल ने कुछ उदाहरण दिए हैं। यह कोई और नहीं बल्कि थॉमस एडिसन के अलावा जो प्रसिद्ध आविष्कारक हैं जिन्होंने प्रकाश-बल्ब का आविष्कार किया था।

हिल का कहना है कि थॉमस एडिसन अपने प्रयासों में 10,000 से अधिक बार असफल हुए, लेकिन एडीसन सभी विफलताओं के बावजूद अपने प्रयोग पर कायम रहे और काम करते रहे। ज्यादातर लोग कुछ समय के लिए असफल होने के बाद अपने काम को  छोड़ देते है, जो एडीसन की तरह 10,000 बार तक प्रयास नहीं करते है। यही कारण है कि ज्यादातर लोग जीवन में धन या सफलता हासिल करने में असफल होते हैं। वे बस यह निष्कर्ष निकालने के लिए कूदते फांदते हैं कि चीजें काम नहीं करेंगी और वे जल्द ही रास्ता छोड़ देंगे। आपको डर्बी की कहानी तो याद होगी ही? वह उस सोने से सिर्फ 3 फीट कि दूरी पर था जब उसने जल्दबाजी में वह अमीरी का रास्ता छोड़ दिया।

दृढ़ता मन की एक स्थिति है जिसे उद्देश्य, आत्मनिर्भरता, इच्छा, सटीक ज्ञान, इच्छाशक्ति, योजनाओं और आदत की निश्चितता के द्वारा बनाया जाता है।

अध्याय 10: मास्टरमाइंड की शक्ति

हिल लिखते हैं कि मास्टरमाइंड शायद सफलता के लिए सबसे महत्वपूर्ण सिद्धांत है। जैसा कि वह पहले से ही पहले अध्याय में बताते है कि आपको अपनी यात्रा में समर्थन करने के लिए ऐसे व्यक्तियों के समूह के साथ रहना चाहिए जिनसे आर्थिक और "मानसिक" दोनों सुविधाओं का लाभ उठाने की आवश्यकता है।

आसान शब्दों में कहा जाए तो अनुभव और मस्तिष्क की शक्ति के संयोजन का एक जबर्दस्त आर्थिक लाभ है। उदाहरण के लिए, जब आप समान विचारधारा वाले लोगों से घिरे होते हैं, जो हमेशा उच्च सफलता और बेहतर परिणामों के लिए प्रयास करते हैं, तो आप वही सोचेंगे और उसी पर अमल करेंगे। फिर आप अपने आस-पास के लोगों से प्रभावित होंगे और उनकी तरह बन जाएंगे। दूसरी ओर जब आप आलसी और नकारात्मक लोगों से घिरे तहते है तो आप उसी पैटर्न का अनुसरण करेंगे और आलसी व नकारात्मक हो जाएंगे।

एक बेहतरीन मास्टरमाइंड समूह समान विचारधारा वाले लोगों का एक समूह होता है जो अपने लक्ष्यों की ओर खुद को नियमित रूप से पुश करते रहते है, एक-दूसरे को जवाबदेह ठहराते हैं और चुनौतियों का सामना करते हैं और एक साथ समस्याओं का समाधान खोजते हैं। एंड्रयू कार्नेगी, जो एक उद्योगपति थे जिन्होंने हिल को इस पुस्तक को लिखने के लिए प्रोत्साहित किया था, जिनका अपना मास्टरमाइंड समूह था। वही हेनरी फोर्ड के लिए भी था। फोर्ड एक समूह का निर्माण करते है और नियमित रूप से थॉमस एडिसन, हार्वे फायरस्टोन और एक समूह में अन्य शानदार दिमाग के साथ फ्लोरिडा में अपने शीतकालीन घर में आयोजित किया था जिनसे वे वहां पर मिले थे।

नेपोलियन हिल वह व्यक्ति है जिसने मास्टरमाइंड सिद्धांत की अवधारणा को लोकप्रिय बनाया था। उनका मानना है कि कोई भी दूसरों की मदद के बिना सफल नहीं हो सकता। 

अध्याय 11: सेक्स ट्रांसमिटेशन का रहस्य

हिल ने इस अध्याय में सेक्स ट्रांसमिटेशन की शक्ति का वर्णन किया है। उनका कहना है कि यौन आग्रह एक बहुत ही शक्तिशाली शक्ति है, लेकिन पुरुष इससे अपना ध्यान भटका लेते हैं, वे अपनी इच्छाओं को शांत करने के लिए अपने जीवन, करियर और अपने पैसे भी जोखिम में डालते हैं। अगर वे अपनी इस यौन ऊर्जा को एक रचनात्मक ऊर्जा में बदल लेते है तो इसमें आपकी इच्छाशक्ति को बढ़ाने में मदद करने की जबरदस्त शक्ति और क्षमता है।

हिल जो कहना चाह रहे है वह यह है कि यौन इच्छाएँ अतृप्त होती हैं और उन्हें ऐसी चीज़ में बदला जा सकता है जो बहुत उत्पादक होती है। जैसा कि वे लिखते हैं कि"जब आप इस इच्छा से प्रेरित होते हैं तो आप कल्पना, साहस, इच्छा-शक्ति, दृढ़ता और रचनात्मक क्षमता विकसित करते हैं जो उनके लिए अन्य समय में अज्ञात होते है।"

यह अध्याय अजीब लग सकता है, लेकिन जिस अवधारणा और विचार को बताने की कोशिश की जा रही है वह काफी सरल है। लेखक चाहते है कि उसके पाठक यह समझें कि यौन इच्छा सबसे मजबूत मानवीय इच्छाओं में से एक है और अगर इस इच्छाशक्ति को आपके उत्पादक और रचनात्मक कार्यों में लगाया जाये तो जीवन में आमूल-चूल परिवर्तन हो सकते है।

अध्याय 12: अवचेतन मन

यह पुस्तक आपके अवचेतन मन की शक्ति का दोहन करने के बारे में लिखी गयी है। और यद्यपि हिल ने कुछ सबसे महत्वपूर्ण विचारों को इसमें कवर किया है। आपके अवचेतन मन की अवधारणा पहले अध्याय से काम करती है। हिल ने अपने पाठकों को अपने अवचेतन मन को सबसे अमीर और सफलता से जोड़ने के बारे में समझाने के लिए एक पूर्ण अध्याय समर्पित किया।

हिल के अनुसार हम स्वेच्छा से अपने अवचेतन मन में इच्छा रखने वाले किसी भी विचार को अपनी शक्ति का उपयोग करके प्राप्त कर सकते हैं जो हम जीवन में चाहते हैं। बेशक, यह वास्तव में संभव नहीं है कि हम अपने अवचेतन मन से सब कुछ नियंत्रित कर सकें, लेकिन जब आप उस पर विश्वास करते हैं तो आप जो चाहते हैं उसे हासिल कर सकते है।

हमारा अवचेतन मन 24/7*365 समय काम करता रहता है, जब हम सो रहे होते हैं तब भी हमारा अवचेतन मन काम कर रहा होता है। इसलिए हमारी आदतें, इच्छाएं और क्रियाएं हमारे अवचेतन कंडीशनिंग का एक बड़ा हिस्सा होती हैं। और यदि आप अपने अवचेतन मन में सफलता और समृद्धि चाहते हैं तो आप रचनात्मकता, विश्वास और कार्य विकसित करते हैं जो स्वचालित रूप से आपके इच्छित परिणाम देगा।

ध्यान के माध्यम से अपने अवचेतन मन की इच्छा को स्थाई बनाने का एक अच्छा तरीका है। ध्यान के माध्यम से अपने मन को शांत करें और फिर सचेत रूप से कल्पना करें कि आप अपनी इच्छा के चित्रों को अपने अवचेतन मन में स्थापित करना चाहते हैं।

अध्याय 13: मस्तिष्क

नेपोलियन हिल बताते हैं कि हमारा मस्तिष्क एक उल्लेखनीय मशीन है और यह विचारों के प्रसारण और प्रसारण स्टेशन की तरह ही काम करता है। 14 मिलियन से अधिक तंत्रिका कोशिकाओं के साथ मस्तिष्क एक कारक की तरह काम करता है जो हमारे दिन-प्रतिदिन के जीवन को निर्देशित और नियंत्रित करता है। वह यह भी कहते हैं कि विचार वे चीजें हैं जिनके द्वारा हमारे मस्तिष्क को जितना अधिक कंपन मिलता है, उतने ही अधिक हम अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर सकते हैं।

यही कारण है कि एक मास्टरमाइंड समूह इसी तरह से काम करता है। आपका मन एक प्रसारण और प्राप्त करने वाला स्टेशन है, जब आप दूसरों के साथ बात करते हैं और नियमित रूप से उनके साथ जुड़े रहते है तो उनके विचार आपको प्रभावित करेंगे और आप ऐसा ही सोचेंगे जैसे वे करते हैं। इसे अक्सर "यिन और यांग" की अवधारणा की तरह "लाइक लाइक लाइक" कहते हैं।

साथ ही भावनाओं के माध्यम से आपके मस्तिष्क में इन कंपन को बढ़ाया जा सकता है। जब लोग भावनात्मक रूप से आकर्षित होते हैं कि वे जीवन में क्या चाहते हैं, तो वे अधिक अथक परिश्रम करते हैं तब लगता है कि सफलता कठिन परिस्थितियों में ऊर्जा के समान कार्य करती है और सफलता को आसानी से पैदा करती हैं। जब वह कहते है कि "ज्वलंत इच्छा" तो हिल का अर्थ है कि एक मजबूत और भावनात्मक इच्छा जो आपको अपनी यात्रा में सभी विफलताओं, अस्वीकारों और असफलताओं का सामना करने में मदद करेगा।

अध्याय 14: छठी इंद्रिय

कुछ लोग अपनी आंतरिक भावना या अंतर्ज्ञान के लिए छठी इंद्रिय का उल्लेख करते हैं। हिल का कहना है कि यह विश्वास करना महत्वपूर्ण है और जब निर्णय लेने और धन संचय करने की बात आती है तो एक छठे अर्थ में समझने का प्रयास करें।

हिल छठी इंद्रिय को "अवचेतन मन के उस हिस्से के रूप में परिभाषित करते है जिसे रचनात्मक कल्पना कहा गया है, "जिसके माध्यम से" आपको बचने के लिए समय से पहले ही खतरों की चेतावनी दी जाती है, और आने वाले अवसरों को गले लगाने की सूचना दी जाएगी।"

हिल आगे यह कहते है कि छठी इंद्री कैसे काम करती है, यह समझाना संभव नहीं है, लेकिन इसे केवल तभी समझा जा सकता है जब आप इसे अनुभव कर चुके हों। यही कारण है कि कुछ सफल लोगों में विनम्रता या आंतरिक भावनाएं होती हैं जो उन्हें मार्गदर्शन देती हैं और बताती हैं कि उन्हें आगे क्या करना चाहिए। वे अपनी वृत्ति का पालन करते हैं और ज्यादातर समय, उनकी वृत्ति उन्हें कहीं बेहतर तरीके से ले जाएगी।

इस पुस्तक में हिल लिखते हैं कि छठी इंद्रिय में हमारी असीम बुद्धिमत्ता तक पहुँचने की क्षमता होती है और यह आध्यात्मिक और मानसिक विचारों का एक संयोजन प्रदान कर सकती है जो आपको सार्वभौमिक मन से मार्गदर्शन और कनेक्ट करते हैं। कभी-कभी लोग चीजों को अपनी आन्तरिक भावना से आभास पाते है और जैसा कि यह पता चला है वे सही हैं।

नेपोलियन हिल ने घोषणा की कि वह चमत्कारों में विश्वास नहीं करते है, लेकिन किसी भी तरह से, एक उच्च शक्ति प्रतीत होती है जो हमारी बेतहाशा कल्पना से परे चीजों को बदल सकती है।

अध्याय 15: डर के छह भूतों को कैसे बाहर निकालना है

इस अध्याय में हिल ने कहा कि छह भय हैं जो हमें जीवन में आगे बढ़ने से रोकते हैं। वे है: 

1. गरीबी
2. बुढ़ापा
3. आलोचना
4. बीमारी
5. प्रेम
6. मृत्यु

यह सच है कि विश्वास और भय कभी एक साथ नहीं रह सकते है, आपको अपने विश्वास को विकसित करने और जीवन में मनचाही सफलता हासिल करने के लिए अपने डर को मास्टर करना सीखना चाहिए। जब आप भयभीत होते हैं, तो आपको कभी विश्वास नहीं होगा, और जब आपमें विशवास होंगा, तो आप कभी भी भयभीत नहीं होंगे।

उदाहरण के लिए ज्यादातर लोग मंदी जैसे कठिन समय के दौरान अपना पैसा खोने से डरते हैं। और वे गरीबी के डर से उन्हें आगे बढाने से रोक लेते हैं। कुछ लोग एक व्यवसाय में उद्यम करने से डरते हैं क्योंकि वे असफल होने पर अपनी उम्र या दूसरों की आलोचना से डरते हैं। ये भय आपकी क्षमता को सीमित कर देंगे और आपके जीवन में संदेह, अनिर्णय और शिथिलता फैला देंगे।

और हिल लिखते हैं कि डर मन की एक स्थिति है और क्योंकि आप अपने मन की स्थिति को नियंत्रित कर सकते हैं, आप अपने डर को दूर कर सकते हैं। इसलिए अपने डर, चिंता, शंकाओं और अपने दिमाग में नकारात्मक सोच को दूर करने के लिए अपनी इच्छाशक्ति का अभ्यास करना चुनें।

शैतान की कार्यशाला

इस खंड में हिल एक और महत्वपूर्ण कारक के बारे में बात करते है जो आपको चाहिए उसे प्राप्त करने और अमीर बनने से रोक सकता है। हिल ने कहा कि यह बुराई पिछले छह भय से भी अधिक मजबूत और खतरनाक है।

हिल के अनुसार, यह बुराई नकारात्मक प्रभावों के प्रति आपकी संवेदनशीलता है। और अगर आपने अपने नकारात्मक प्रभावों का पता लगाने के लिए खुद का विश्लेषण तत्काल नहीं किया, तो यह इतनी मजबूत हो जाएगी कि इसे खत्म करना बहुत मुश्किल हो जाएगा।

इस खतरनाक बुराई से छुटकारा पाने के लिए हिल अपने पाठकों को सबसे पहले यह समझने का सुझाव देते है और बताते है कि मनुष्य स्वभाव से आलसी और उदासीन होता है। लोग अपने आस-पास की नकारात्मकता से आसानी से प्रभावित हो जाते हैं और अगर वे इसके बारे में नहीं जानते, तो विनाशकारी विचार उनके भविष्य को बर्बाद कर देंगे। तो एक बार जब आप इसे समझ गए है तो आप अपने आस-पास की नकारात्मकता से खुद को प्रभावित होने और हमला करने से रोकने के लिए आदतों का सुरक्षात्मक बंकर स्थापित कर सकते हैं।

उदाहरण के लिए, यदि आपको पता चलता है कि आप अपने आस पास मौजूद नकारात्मक लोगो से आसानी से प्रभावित होते हैं तो आप या तो इस तरह के प्रभावों को रोकने के लिए अपने दिमाग में एक "दीवार" बना सकते हैं या नकारात्मक लोगों से दूर रह सकते है।

इसके साथ ही अपना स्वयं का मास्टरमाइंड समूह बनाएं और हमेशा अपने आप को ऐसे लोगों से घेरें रखें जो आपको प्रेरित और आगे बढने के लिए प्रेरित करते है। उन लोगों से मिलें जो आपके सपनों का समर्थन करने की क्षमता रखते हैं और आप पर सकारात्मक प्रभाव डालते हैं।

नेपोलियन हिल का मानना है कि सफलता संभव है और कोई भी इसे प्राप्त कर सकता है, जो वे तब तक चाहते हैं जब तक वे अपने डर को दूर करना सीखते हैं और अपने दिमाग का अच्छा उपयोग करते हैं।

सारांश

थिंक एंड ग्रो रिच पुस्तक जो 20 वीं शताब्दी की शुरुआत में सबसे महान लोगों के 500 से अधिक साक्षात्कारों पर आधारित है, जिसमें हेनरी फोर्ड, थॉमस एडिसन, जॉन रॉकफेलर, अलेक्जेंडर ग्राहम बेल और बहुत लोग इसमें शामिल हैं। लेखक, नेपोलियन हिल ने इन उल्लेखनीय लोगों के सभी ज्ञान को पुस्तक में संकलित किया है। और उन्हें 13 मुख्य सिद्धांतों के रूप में प्रस्तुत किया है जिनमें वह तकनीक बताई गयी है कि कोई कैसे अपनी सोच को बदल सकता है और अमीर बन सकता है।

यह पुस्तक इस बारे में है कि कोई अपने जीवन को कैसे बदल सकता है और अपने विचारों को बदलने के माध्यम से अपनी इच्छा के अनुसार सफलता प्राप्त कर सकता है। यह आपको बताती है कि आपको धन के प्रति सचेत होने के बारे में कैसे सोचना चाहिए और सही मानसिकता विकसित करना धन के लिए प्रारंभिक और अंतिम बिंदु है।

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